कींव। रूस की गैस कंपनी गजप्रोम ने एक बार फिर से यूरोप की प्रमुख गैस पाइपलाइन नार्ड स्ट्रीम को बंद कर दिया है। इस बाद कंपनी ने पाइपलाइन में उपकरणों की मरम्मत का हवाला देकर इसको बंद किया है। बताया जाता है कि यूरोप की प्रमुख पाइपलाइन नॉर्ड स्ट्रीम प्राकृतिक गैस की आपूर्ति तीन दिनों के लिए बंद की गई है। रूस ने तकनीकी समस्याओं की चलते पाइपलाइन के माध्यम से आपूर्ति को जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन जर्मनी ने बंद को क्रेमलिन द्वारा उठाया एक राजनीतिक कदम बताया है। रूस के स्वामित्व वाली ऊर्जा कंपनी गजप्रोम ने जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की घोषणा की है। यूरोपीय देश अपने यहां बिजली उद्योग के लिए रूस के ईंधन पर ही निर्भर हैं। बता दें कि गैस पाइपलाइन को एक महीने बाद बंद किया जा रहा है। इससे पहले गजप्रोम ने पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बहाल की थी। पाइपलाइन की मरम्मत के लिए पिछले महीने बंद के बाद जो आपूर्ती हो रही थी वह क्षमता का पांचवां हिस्सा था।
वहीं एक अन्य घटनाक्रम में अब यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच अमेरिका के शीर्ष अधिकारी अगले हफ्ते भारत की आधिकारिक यात्रा पर आएंगे। फरवरी के अंत में शुरू हुए युद्ध पर भारत के तटस्थ रुख के मद्देनजर अमेरिका बैठकों के दौरान अब दक्षिण एशियाई राष्ट्र के साथ संबंधों को गहरा करने पर ध्यान देने की कोशिश कर रहा है। वित्त विभाग उपसचिव वैली अडेमो अपनी यात्रा के दौरान मुंबई और नई दिल्ली की यात्रा करेंगे। जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय, वित्त मंत्रालय के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ उनकी बैठकें की तैयारी है। विभाग ने कहा कि अडेमो ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, विश्व स्तर पर खाद्य असुरक्षा से निपटने और अवैध लेन-देन का मुकाबला करने जैसी प्राथमिकताओं पर चर्चा करेंगे।

