नई दिल्ली। भारत की मेक इन इंडिया नीति के पक्ष में इजराइल आया है। इजराइल ने भारत के साथ अपनी टेक्नोलॉजी को साझा करने की बात कही है। इस बारे मे इस्राइली राजदूत नाओर गिलन अपने बयान में कहा है कि वो ‘मेक इन इंडिया’ में दिलचस्पी रखते हैं और भारत के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारत में अनंत संभावनाएं हैं।
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भारत-इस्राइल में मुक्त व्यापार समझौते को लेकर वार्ता के बीच भारत में इस्राइल के राजदूत ने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम की सफलता को अपनी प्रौद्योगिकी साझा करने की इच्छा जताई। हालांकि इसके साथ उन्होंने बौद्धिक संपदा नियम उल्लंघन को लेकर चिंता जताई है।
इजराइल विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत में इजराइल राजदूत नाओर गिलन ने कहा कि उनकी ‘मेक इन इंडिया’ में दिलचस्पी है। इजराइल भारत के साथ सहयोग की संभावनाएं तलाश रहा है। हालांकि, इजराइल कंपनियों की ओर से आईपी समस्या से जुड़ी गंभीर शिकायतें मिली हैं। राजदूत गिलन ने कहा कि हम प्रौद्योगिकी साझा करने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि अभी आईपी संबंधी समस्या को दूर करना होगा।
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गिलन ने कहा,इसराइल और भारत की प्रौद्योगिकी का मेल, विनिर्माण क्षमता, दूसरे देशों में बिक्री करने की क्षमता, विशेषकर मुस्लिम देशों में व्यापक राजनयिक संपर्कों के कारण ही संभावनाएं हैं। इस कारण से इजराइल को ‘मेक इन इंडिया’ में दिलचस्पी है। जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के एक कार्यक्रम में उन्होंने 85 उद्यमियों व निवेशकों को संबोधित किया। इस दौरान ही गिनोन ने कहा, इसराइल के व्यापारी भारत के पूरक हैं और दोनों उद्यमियों के हित साझा हैं।

