NASA DART Mission: यान डार्ट करेगा एस्टेराॅयड पर हमला,परीक्षण का नासा करेगा सीधा प्रसारण

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न्यूयार्क। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का अंतरिक्ष यान पृथ्वी ग्रह को क्षुद्र ग्रहों ‘एस्टेरॉयड‘ के हमलों से बचाने में जुटा है। यह डार्ट यान पृथ्वी बचाव के लिए नासा की अनूठी रक्षा प्रणाली का हिस्सा है। इसे डबल एस्टेरॉयड रिडायरेक्शन टेस्ट मिशन यानी डार्ट नाम दिया  है। इस यान के माध्यम से पृथ्वी की ओर तेजी से आ रहे एस्टेरॉयड की दिशा मोड़ने या तोड़कर खत्म करने की तकनीक का परीक्षण किया जा रहा है। इस परीक्षण का नासा द्वारा सीधा प्रसारण किया गया।  डार्ट मिशन का यान पृथ्वी से करीब 10 माह पहले रवाना किया गया था। इसे धरती की रक्षा के लिए जानबूझकर डिमोर्फाेस एस्टेरॉयड से टकराया गया। 24,000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर रहा डार्ट आज तड़के डिमोर्फाेस से टकराया। 

परीक्षण के माध्यम से नासा काइनैटिक इंपेक्टर टेक्नालॉजी का परीक्षण कर रहा है। इसके भविष्य में पृथ्वी की ओर आने वाले एस्टेरॉयड से बचाव किया जा सकेगा। दरअसल, ये एस्टेरॉयड धरती की संचार प्रणाली और उपग्रह आदि को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए नासा पिछले काफी समय से इस समस्या का हल निकालने की प्रौद्योगिकी को तैयार कर रहा है।  नासा के डार्ट अंतरिक्ष यान ने धरती की ओर आ रहे डिमोर्फाेस एस्टेरॉयड को कक्षा व दिशा बदलने के लिए टक्कर मारी। डिमोर्फाेस, डिडिमोस एस्टेरॉयड सिस्टम का हिस्सा है। नासा का यह यान इसे टक्कर मारकर दूसरी कक्षा में धकेलेगा। पूरे घटनाक्रम व उसके प्रभाव पर जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप, हबल टेलीस्कोप सहित कैमरो और टेलीस्कोप से यान पर नजर रखी जा रही है।

डिमोर्फाेस, पृथ्वी ग्रह से 96 लाख किलोमीटर दूर है। इसका नाम ग्रीक भाषा के शब्द ‘डिडिमोस‘ पर है। इसका अर्थ जुड़वां होता है। दसअसल यह 2500 फीट के क्षुद्रग्रह ‘डिडिमोस‘ का ही हिस्सा है। डिडिमोस की खोज 1996 में हुई थी। डिमोर्फाेस करीब 525 फीट लंबा है और यह डिडिमोस से 1.2 किलोमीटर की दूरी पर ही परिक्रमा कर रहा है।

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