मास्को/तेहरान। ईरान और रुस के बीच 40 अरब डॉलर का करार हुआ है। दोनों देशों के बीच अन्य मुददों पर भी समझौता हुआ है। रूस और यूक्रेन युद्ध को अब पांच महीने पूरे हो गए हैं। रूसी सेना ने यूक्रेन के दोनबास इलाके में जमकर बमबारी की है। वहीं दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन इन दिनों ईरान दौरे पर तेहरान गए हुए हैं। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने तेहरान में करीब 40 अरब डॉलर का सौदा किया। इस दौरान उन्होंने ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामनेई से मुलाकात की। खामनेई ने नाटो देशों को खतरनाक जीव बताया है। रूस-ईरान के बीच हुई डील के तहत तेल व गैस क्षेत्र के विकास की बातें हुई है। जबकि अमेरिका ने इस डील में ड्रोन खरीदी को प्रमुख समझौता बताया। पुतिन-खामनेई की हुई मुलाकात में ईरान के सर्वोच्च नेता ने कहा कि पश्चिमी देश एक मजबूत और स्वतंत्र रूस का विरोध कर रहे हैं। जो कि गलत है।
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उन्होंने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि युद्ध एक हिंसक और कठिन मुद्दा है। लेकिन जहां तक बात यूक्रेन की है तो आपने इसकी पहल नहीं की। बल्कि दूसरे पक्ष ने की है। जिसके कारण युद्ध शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि नाटो को यूक्रेन में नहीं रोका गया तो वह युद्ध शुरू करेगा। नाटो क्रीमिया को इसका बहाना बनाएगा। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन में आम लोगों की मौत बड़ी त्रासदी है। लेकिन पश्चिमी देश इसके लिए पूरा जिम्मेदार हैं। अमेरिकी खुफिया विभाग ने रूस और ईरान के संबंधों को लेकर दावा किया है कि यूक्रेन के कुछ हिस्सों पर रूस अब कब्जा जमाने की योजना बना रहा है। उसने कहा कि क्रीमिया पर कब्जे की तरह रूस यहां अधिग्रहण की रणनीति बनाते हुए जनमत संग्रह की योजना पर काम कर रहा है। पेंटागन के जॉन किर्बी ने अमेरिकी खुफिया विभाग के हवाले से बताया कि रूस अपने कब्जाए यूक्रेनी क्षेत्रों में अवैध रूसी समर्थकों के साथ जनमत सर्वेक्षण का दिखावा करने जा रहा है।

