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EPFO पर बढ़ा ब्याज और शुरु की गई नई ई-पासबुक

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नई दिल्ली। सरकार की ओर से ईपीएफओ खाताघारकों के लिए नई ई-पासबुक शुरू की गई है। यह ई-पासबुक पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक है और इसमें सदस्यों को ईपीएफ अकाउंट के बारे में अधिक विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसे केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव के द्वारा लॉन्च किया गया।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO ने बयान जारी कर कहा कि नई पासबुक में अब सदस्य ग्राफिकल रिप्रेजेंटेशन के साथ अपने खाते के बारे में अधिक विवरण देख सकेंगे। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2023 में ईपीएफओ में 14.86 लाख सदस्य शामिल हुए हैं।

प्रस्तावों को मिली मंजूरी

जारी किए गए बयान के मुताबिक, बोर्ड ने पोर्टफोलियो मैनेजर्स के AMC के विस्तार और निर्धारित सीमा में निवेश की किसी भी स्वीकार्य श्रेणी में ईटीएफ से आने वाली आय को निवेश करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके अलावा बयान में कहा गया कि बोर्ड ने ईपीएफओ और NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के बीच साइन हुए एमओयू को भी मंजूरी दे दी है।

बजट हुआ तय

ईपीएफओ में निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था सीबीटी की 233वीं बैठक में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने ईपीएफओ की योजनाओं के लिए वित्त वर्ष 2022-23 के लिए संशोधित अनुमान और वित्त वर्ष 2023-24 के अनुमानित बजट को मंजूरी दे दी।साथ ही बोर्ड ने EPFO के फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए 2200 करोड़ रुपये के बजट को भी मंजूरी दे दी।

ईपीएफ पर ब्याज

सरकार की ओर से ईपीएफ खाते पर दी जाने वाली ब्याज दर भी बढ़ा दी है। सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2022-23 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर 8.15 प्रतिशत निर्धारित की गई है। पिछले साल ईपीएफ पर ब्याज दर 8.10 प्रतिशत थी। यानी इस वर्ष ईपीएफ पर ब्याज दर बढ़ा दी गई है।

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