इंदौर टेस्ट जीतने और टेस्ट श्रंखला में वापसी के लिए ऑस्ट्रेलिया के सामने सिर्फ़ 76 रनों का लक्ष्य है। पिच पर भले ही स्पिन गेंदबाज़ों के लिए काफ़ी मददगार है लेकिन इतने लक्ष्य इतना छोटा है कि उसका बचाव करना नामुमकिन नहीं तो मुश्किल ज़रूर है। वहीं अगर इंदौर टेस्ट के दुसरे दिन की बात करें तो ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों ने इस टेस्ट में अपना होमवर्क काफ़ी अच्छे तरीक़े से किया था। उन्हें पता था कि किस लेंथ और लाइन पर गेंदबाज़ी करनी है। इस पारी में लायन ने भारतीय बल्लेबाज़ों को पूरी तरह से धराशाई कर दिया। पुजारा के अलावा दूसरे भारतीय बल्लेबाज़ ज़्यादातर मौक़ों पर संघर्ष करते हुए नज़र आये।
पुजारा को जीत की उम्मीद
हालाँकि इतने खराब प्रदर्शन के बाद चेतेश्वर पुजारा अभी भी जीत को लेकर पुरउम्मीद हैं. दिन के खेल की समाप्ति पर उन्होंने कहा कि 75 रनों का लक्ष्य भले ही ज़्यादा न हो लेकिन एक मौक़ा ज़रूर है। पुजारा ने कहा इस पिच पर अटैक और डिफ़ेंस की मिक्स ज़रूरत होती है। अगर आप बचाव करना जारी रखते हैं, तो एक गेंद उछलकर आपके दस्ताने से टकराएगी, पुजारा ने कहा थोड़ा और सकारात्मक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अक्षर के साथ थोड़ी और साझेदारी होती तो काफी मदद मिल सकती थी।
भारत जीता तो पुजारा बनेंगे हीरो
बहरहाल दो दिन के बाद यह तय हो गया कि कल शायद लंच तक ही मैच ख़त्म हो जाय. दूसरा दिन पहले दिन से भी खराब रहा, पहले दिन 14 विकेट गिरे थे जबकि दूसरे दिन 16. पहले सेशन के आधे घंटे के अंतराल में ऑस्ट्रेलिया के 6 विकेट सिर्फ 11 रनों में धराशायी हो, वहीँ भारतीय टीम की दूसरी पारी दो सेशन में निपट गयी और 163 रन ही बना सकी. एकमात्र बल्लेबाज़ चेतेश्वर पुजारा रहे जो एक सिरे से लगातार जूझते रहे और 59 रनों की बेहद उपयोगी पारी खेली। मैच के तीसरे दिन अगर कुछ आज के लंच से पहले जैसा कुछ हुआ और ऑस्ट्रेलिया फिर किसी बड़े कोलैप्स का शिकार हुई और टीम इंडिया को जीत नसीब हो गयी तो उस जीत का सेहरा अकेले पुजारा के सर ही बंधेगा क्योंकि उनकी पारी की बदौलत ही भारत को 75 रनों की बढ़त मिली है.
लॉयन के आगे पस्त हुए भारतीय बल्लेबाज़
आज के दिन का पहला सत्र जहाँ उमेश यादव और अश्विन के नाम रहा तो अगले दो सेशन नाथन लॉयन के नाम जिन्होंने अकेले ही पूरी भारतीय टीम को धराशायी कर दिया। लॉयन ने आठ विकेट हासिल किये और भारत को बैकफुट पर धकेल दिया। इंदौर टेस्ट के पहले दो दिनों में लंच से पहले गेंदबाज़ों का दबदबा रहा है, देखना होगा कि क्या तीसरे दिन भी वही परंपरा बरकरार रहेगी। फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के नाथन ने भारतीय बल्लेबाज़ों का लॉयन बनकर शिकार किया है.
