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FDI: भारत का विदेशी निवेश अप्रैल-जून तिमाही में 34% घटकर 10.94 अरब डॉलर पर पहुंचा

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FDI: देश का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश लगातार घट रहा है। इस बार अप्रैल—जून तिमाही में विदेशी निवेश 34 प्रतिशत तक घट गया है। इसका कारण कंप्यूटर हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर, दूरसंचार, फार्मा और वाहन क्षेत्र में पूंजी प्रवाह में लगातार गिरावट का आना बताया जा रहा है। चालू वित्त वर्ष 2023—24 की अप्रैल-जून तिमाही में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 10.94 अरब डॉलर रहा है। 2022-23 की समान तिमाही में यह 16.58 अरब डॉलर रहा था।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (डीपीआईआईटी) से मिले डेटा के अनुसार पिछले वित्त वर्ष 2022—23 की जनवरी-मार्च तिमाही में एफडीआई 40.55 प्रतिशत गिरकर 9.28 अरब डॉलर रह गया था। चालू वित्त वर्ष 2023—24 में अप्रैल, मई व जून में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश घटकर क्रमशः 5.1 अरब डॉलर, 2.67 अरब डॉलर व 3.16 अरब डॉलर रह गया है। 

एक साल पहले की समान अवधि में यही आंकड़ा क्रमशः 6.46 अरब डॉलर, 6.15 अरब डॉलर व 3.98 अरब डॉलर था। विभाग के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सेवाओं, निर्माण गतिविधियों सहित कई क्षेत्रों में सालाना आधार पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में तेजी देखी गई है।

देशों में विदेशी निवेश में गिरावट

जून 2023 तिमाही में सिंगापुर, मॉरीशस, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात से एफडीआई में गिरावट आई है। केमैन आइलैंड्स व साइप्रस से निवेश काफी कम यानी क्रमश: 7.5 करोड़ डॉलर व 60 लाख डॉलर ही रह गया है। नीदरलैंड, जापान व जर्मनी से एफडीआई में बढ़ोतरी हुई है। इस तिमाही एफडीआई में कमी आने पर डीपीआईआईटी ने चिंता जताई है। डीपीआईआईटी का कहना है कि एफडीआई में बढ़ोत्तरी के लिए सरकार को नई रणनीति पर विचार करने की जरूरत है।

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