Site icon Buziness Bytes Hindi

स्विस बैंक से भंग होने लगा भारतीयों का मोह, लगातार निकाल रहे हैं पैसा

swiss

स्विस बैंक का नाम आते ही काला धन सामने आने लगता है, 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले नरेंद्र मोदी ने कहा था कि स्विस बैंकों में भारतीयों का इतना काला धन जमा है कि देश के हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये हो सकते हैं, तब से पीएम मोदी के पीछे 15 लाख का जुमला पीछे पड़ा है, फिलहाल खबर यह है कि स्विस बैंकों में जमा भारतीयों के पैसे में दो साल से लगातार गिरावट आ रही है. स्विस नेशनल बैंक (SNB ) की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 2023 में भारतीयों के जमा पैसों में 70 फीसदी की गिरावट आई है.

अगर इस रकम का भारतीय मुद्रा में आकलन करें तो यह 9,771 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले चार साल का सबसे निचला स्तर है. अगर पिछले दो दशक का कैलेंडर देखें तो कुछ सालों को छोड़कर स्विस बैंकों में जमा पैसों में लगातार गिरावट आ रही है. स्विस बैंकों में लोगों द्वारा निवेश की जाने वाली राशि लगातार गिर रही है, जिसके कई कारण बताए जा रहे हैं। 21वीं सदी के तीसरे दशक के पहले साल यानी 2021 में स्विस बैंकों का पैसा आसमान छू रहा था और लंबी छलांग लगाते हुए 14 साल के शिखर पर पहुंच गया। उस साल यह 3.83 बिलियन CHF हो गया था, लेकिन उसके बाद साल दर साल वहां जमा धन में कमी आने लगी और साल 2023 के आंकड़ों के मुताबिक यह 4 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

इन आंकड़ों की आधिकारिक जानकारी स्विस नेशनल बैंक (SNB ) ने दी है। इस गिरावट की वजह बॉन्ड की कीमतों में कमी के साथ-साथ वित्तीय साधनों के रूप में किए जाने वाले निवेश में कमी बताई जा रही है। स्विस बैंकों में भारतीयों का कितना पैसा है, यह बात समय-समय पर सामने आती रहती है। लेकिन इस पैसे का मालिक कौन है, इस पर वहां के बैंक हमेशा चुप्पी साधे रहते हैं। वे कभी भी अपने फंड में निवेश करने वाले लोगों या कंपनियों के नाम और ऐसा करने की वजह का खुलासा नहीं करते हैं।

Exit mobile version