टोक्यो ओलंपिक में पिछले हफ्ते India की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रौशन किया। उन्होंने महिलाओं की बैडमिंटन Competition में Silver medal जीता। यह Olympic में दूसरी बार था जब सिधुं ने पदक अपने नाम किया। इससे पहले वर्ष 2016 रियो ओलंपिक में उन्होंने रजत पदक जीता था। ओलंपिक में बैडमिंटन competition में वह दो मैडल जीतने वाली भारत की अकेली बैडमिेंटन खिलाड़ी हैं। टोक्यो ओलंपिक में पदक जीतने के बाद उनको पूरे देश ने बधाई दी जिसमें कुछ बड़े ब्रांड भी शामिल थे। वहीं कुछ ब्रांड ऐसे भी हैं जो पीवी सिंधु की permission के बगैर उनके नाम और छवि का use कर रहे हैं। सिंधु ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात की है।
ऐसा लग रहा है कि पीवी सिंधु इन ब्रांडों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती हैं। वह ऐसा कदम इसलिए उठा रही हैं ताकि उनके नाम का इस्तेमाल बिना उनकी इज़ाजत के न किया जाए।
फेसबुक मैसेंजर एप ने शुरु किया एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन
जिस तरह से कई ब्रांडो ने उनके नाम का इस्तेमाल किया है उस पर सिंधु ने कहा है, ब्रांडों के पास अभी भी एक मौका है कि वह इस बारे में सावधान हो जाएं, वह अपने ब्रांड में किसी सार्वजनिक व्यक्तित्व की छवि या उसके नाम का उपयोग कैसे कर सकते हैं। स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसी बेसलाइन वेंचर्स के मुताबिक, उनकी अनुमित के बिना उनका नाम और छवि उपयोग करने वाले ब्रांडों से सिंधु ने पांच करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है ।
Twitter ने ब्लू टिक देने की प्रक्रिया फिर रोकी
बेसलाइन वेंचर्स नियमों का उल्लंघन करने के लिए करीबी 20 ब्रांडों को अदालत का सामना करना पड़ सकता है। 15 को तो पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है |

