रुपये में जारी गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है। रुपया 90 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 80.86 प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ है। इससे इतर डॉलर में पिछले 20 सालों में सबसे बड़ा उछाल देखने को मिला और रुपये में पिछले 20 साल में सबसे बड़ी गिरावट। गौरतलब है कि अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाने और आगे सख्त रुख रखने के कारण रुपये में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। फेडरल रिजर्व ने महंगाई पर कंट्रोल करने के लिए ब्याज दर 0.75 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा की है। यह लगातार तीसरी बार है जब फेडरल रिजर्व ने ब्याज दर में इजाफा किया है। रुपये में गिरावट को लेकर जानकारों की राय है कि विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती, घरेलू शेयर बाजार में गिरावट और कच्चे तेल के दामों में बढ़ोतरी के कारण रुपये की कीमत लगातार गिर रही है।
रुपये में बड़ी गिरावट से इतर डॉलर इंडेक्स में इजाफा देखने को मिला है। डॉलर इंडेक्स 111 को पार कर गया जो बीते 20 सालों में सबसे ऊपरी स्तर पर है। दरअसल, अमेरिका फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 0.75 बेसिस पॉइंट के इजाफे से बाजार प्रभावित हुआ है।
गौरतलब है कि अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 80.27 पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें गिरावट दर्ज की गई। दिन में रुपया गिरकर 80.95 के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार बंद होने तक यह 80.86 पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 90 पैसे की बड़ी गिरावट बताई जा रही है। वहीं, विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि अब सारा ध्यान बैंक ऑफ जापान और बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति पर है।
