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Indian Army: भारतीय फौज किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं’, कांग्रेस ने कसा केंद्र सरकार पर तंज

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Indian Army News: कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि भारतीय सैनिकों के हाथ में केंद्र सरकार की उपलब्धियों के पोस्टर दिए जा रहे हैं। कांग्रेस ने कहा भारतीय फौज किसी की प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं है। वहीं कर्नल रोहित चौधरी (रिटायर्ड) ने कहा कि क्या केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार अब भारतीय सेना करेगी। क्या हमने फौज का स्तर इतना गिरा दिया कि जो सैनिक देश की सरहदों पर खड़े होकर देश की रक्षा करते हैं। माइनस 40-50 डिग्री पर सीमा पर खड़े होते हैं, 60 डिग्री टेंपरेचर में राजस्थान में गर्मियों में रेतीले अंधड में सीमा पर तैनात होते हैं, क्या वे अब केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे।

केंद्र सरकार ने देश की सेनाओं को अपना हथियार बनाया

भारतीय सेना, केंद्र सरकार की फ्लैगशिप स्कीमें, नारी शक्ति सशक्तिकरण, उज्ज्वला योजना, जल मिशन और दूसरी योजनाओं का प्रचार करेगी। कांग्रेस पार्टी ने इस आदेश को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस पार्टी के एक्ससर्विस मैन विभाग के चेयरमैन कर्नल रोहित चौधरी (रिटायर्ड) ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने देश की सेनाओं को अपना हथियार बनाया है। जिन हाथों में बंदूकें होनी चाहिए थी, उनके हाथ में केंद्र सरकार अपनी राजनीति चमकाने के लिए पोस्टर थमा रही हैं।

डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस द्वारा जारी सर्कुलर को सीजीडीए ने अपनी वेबसाइट से गायब कर दिया है। छह अक्टूबर के आदेश में कहा गया कि देश में 822 सेल्फी प्वाइंट बनेंगे। इन सेल्फी प्वाइंट को बनाने के लिए देश की सुरक्षा एजेंसियों को डायरेक्टली आर्मी, एयरफोर्स, नेवी व एमईएस से कहा गया है। चौधरी ने पूछा कि क्या हमारे देश के सैनिक अब भाजपा का प्रचार करेंगे।

वेबसाइट पर ऑर्डर को नहीं दिखाया गया

कर्नल रोहित चौधरी (रिटायर्ड) ने कहा कि क्या सरकार की योजनाओं का प्रचार अब सेना करेगी। क्या हमने फौज का स्तर इतना गिरा दिया गया है कि जो सैनिक देश की सरहदों पर खड़े होकर देश की सुरक्षा करते हैं वो अब केंद्र सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार करेंगे। यह आदेश गैर कानूनी है। खास बात कि आर्मी, नेवी और एयरफोर्स ने अपनी वेबसाइट पर इस ऑर्डर को नहीं दिखाया। इसका मतलब उन्होंने इसे गैर कानूनी एवं अवैध माना। देश की फौज का सुप्रीम कमांडर और कमांडर इन चीफ, राष्ट्रपति होता हैं।

पॉलिसी और रोल डिफाइन नहीं कर सकते

मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस सिर्फ एग्जिक्यूटिव मकसद से रूटीन वर्किंग के लिए मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के साथ डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स, जिसके अंदर आर्मी, एयरफोर्स, नेवी आती है। उसको रखा गया है। ये पॉलिसी और रोल डिफाइन नहीं कर सकते। आर्मी, एयरफोर्स, नेवी डिफेंस फोर्सेस का रोल डिफाइन करने के लिए स्टेच्युटरी ऑर्गनाइजेशन हैं। जिसमें आर्मी एक्ट, सर्विसेस रेगुलेशन एक्ट, आर्मी रुल, डिफेंस और उसके बाद सबोर्डिनेट पॉलिसी एंड एक्ट होते हैं। जिसको स्पेशल नेवी इंस्ट्रक्शन, स्पेशल आर्मी इंस्ट्रक्शन, एयरफोर्स इंस्ट्रक्शन या स्पेशल आर्मी ऑर्डर एयरफोर्स ऑर्डर और नेवल ऑर्डर के जरिए घोषित किया जाता है।

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