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Indian Army Dog Zoom: फौजी डॉग जूम की हालत स्थिर,गोली लगने के बाद भी बेल्जियम शेफर्ड ने सफल किया आपरेशन तांगपावा

Indian Army Dog Zoom

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में सेना के आपरेशन तांगपावा में घर में छिपे आतंकियों को खोजकर हमला करने वाला फौजी डॉग जूम (Dog Zoom) आ​तंकियों के हमले में गोली लगने से घायल हो गया है। जूम ने मेरठ के आरवीसी सेंटर में ट्रेनिंग ली थी। फौजी डॉग जूम यूरोपी बेल्जियम शेफर्ड का प्रजाति में से है। बेल्जियम मेलिनोस नाम की यह प्रजाति अमेरिकी स्पेशल फोर्स का हिस्सा है। ओसामा बिन लादेन और अबू बक्र अल-बगदादी को मार गिराने वाले अमेरिका के गुप्त आपरेशनों में बेल्जियम मेलिनोस शामिल था। उधर, जूम अस्पताल में उपचाराधीन है।

अमेरिका के साथ जर्मनी, नीदरलैंड सहित कई यूरोपीय देश मेलिनोस प्रजाति का उपयोग सशस्त्र सेनाओं में करते रहे हैं। यह प्रजाति इजराइल डिफेंस फोर्स के के-नाइन यूनिट का हिस्सा है। भारत में आइटीबीपी और एनएसजी कमांडो ने मेलिनोस को अपने फौजी श्वान दस्ते में शामिल किया। गत सोमवार को अनंतनाग में आतंकी को खोजकर उस पर हमला करने वाले जूम का प्रशिक्षण मेरठ के रिमाउंट वेटनरी कोर यानी आरवीसी सेंटर एंड कालेज में ही हुआ था। जूम को यहां पर 36 सप्ताह का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद जूम की तैनाती अनंतनाग में हुई थी। जूम को दिए गए गहन प्रशिक्षण का परिणाम है कि जबड़े और पांव में गोली लगने के बाद जूम हमलावर रहा और अपने हैंडलर के आवाज लगाते पर वापस सैन्य टुकड़ी के पास पहुंच गया।

फौजी श्वान जूम यूरोप के बेल्जियम शेफर्ड प्रजाति का मेलिनोस ब्रीड का श्वान है। इसे बेल्जियन मेलिनोस के नाम से भी जानते हैं। यह प्रजाति बेहद फुर्तीला, परिश्रमी,सतर्क, आत्मविश्वास से भरपूर, मिलनसार और रक्षात्मक स्वभाव की होती है। जूम हमलावर श्वान है और इसका उपयोग आतंकियों को खोजने और मार गिराने के आपरेशनों में किया जाता है। सैन्य टुकड़ी के साथ यह बेहद शांति से बढ़ता है। यह अपने हैंडलर के इशारा करने पर छिपे आतंकी की खोज में जाता है और उस पर हमला करता है। बेल्जियम मेलिनोस का फ्रेंच नाम फ्लेमिश है। जो कि फ्रांस के शहर मेचलेन से जुड़ा हुआ है। मेरठ आरवीसी सेंटर एंड कालेज को वर्ष 2019 के आखिरी महीने में बेल्जियम मेलिनोस की ब्रीडिंग की अनुमति प्राप्त हुई थी।

12 सप्ताह अनुशासनात्मक प्रशिक्षण के बाद योग्यता के अनुरूप असाल्ट डाग के तौर पर इसको प्रशिक्षण दिया जाता है। जूम का आरवीसी में प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इसको फील्ड ट्रेनिंग व ड्यूटी के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात किया था। आरवीसी में प्रशिक्षण के बाद फौजी श्वान के साथ उनके हैंडलर को सेना की डॉग यूनिटों में साथ तैनाती मिलती है। जम्मू-कश्मीर के बारामूला में गत 22 जुलाई को फौजी श्वान एक्सल आपरेशन के दौरान बलिदान हो गया था। जूम की तैनाती एक्सल के साथ हुई थी। सेना सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में इलाज के बाद जूम की हालत स्थिर बनी है।

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