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21वीं सदी का विश्व कैसा होगा, इसका निर्धारण भारत करेगाः यतीन्द्र जी


21वीं सदी का विश्व कैसा होगा, इसका निर्धारण भारत करेगाः यतीन्द्र जी

लखनऊ:प्रदेश की राजधानी लखनऊ में निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) उच्च तकनीकी (डिजिटल) सूचना संवाद केंद्र में नई शिक्षा नीति 2020 पर वेबिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के सह संगठन मंत्री यतीन्द्र जी और वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीति सचान ने mynep.in वेबसाइट को लॉन्च किया, जिसका प्रेजेंटेशन भी किया गया।

वेबिनार को सम्बोधित करते हुए डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के कुलपति विनय पाठक ने कहा कि इस नई शिक्षा नीति में स्कूल कॉम्प्लेक्स जैसी व्यवस्था बहुत महत्वपूर्ण है। बच्चे स्कूल काम्प्लेक्स के माध्यम से अपना विकास कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में सभी ग्रुपों के लिए भी अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने कहा कि इसमें मल्टी डिसीप्लिनरी अप्रोच, रिसर्च और टीचिंग जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता सुनीति सचान ने कहा कि विद्यालयों में भारतीय संस्कार का वातावरण होना चाहिए। कुछ नियम कानून भी होना चाहिए, जिससे बच्चे अनुशासन सीख सकें। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में मनोवैज्ञानिकों का बड़ा रोल है, ताकि तय समय पर बच्चों की काउंसलिंग भी हो सके।

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के सह संगठन मंत्री यतीन्द्र जी ने कहा कि mynep प्रतियोगिता का कार्यक्रम देश के लिए समर्पण है। इसके लिए ऐतिहासिक दिन 11 सितम्बर को चुना गया है, क्योंकि इसी दिन स्वामी विवेकानंद जी ने शिकागो सम्मेलन में विश्व को भारत की अनोखी संस्कृति का परिचय कराया था। उन्होंने कहा कि mynep प्रतियोगिता कार्यक्रम को आयोजित करने के लिए कई बड़े संगठनों ने अपना सहयोग दिया है। इसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अखिल भारतीय शिक्षण मंडल, संस्कृत भारती जैसे संगठन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल प्रतियोगिता नहीं है, यह एक जन जागरण अभियान है।

उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का विश्व कैसा होगा, इसका निर्धारण भारत करेगा। भारत ने ज्ञान के आधार पर ही विश्व का मार्गदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि भारत संपूर्ण विश्व में ज्ञान का केंद्र था। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भारत अग्रणी भूमिका निभा रहा था, लेकिन बाद में हम कमजोर होते गए। उन्होंने कहा कि अब हमें एक ऐसी पीढ़ी तैयार करनी है, जो विश्व को ज्ञान के प्रकाश से रौशन करे।

कार्यक्रम में इस प्रतियोगिता के बारे में बताते हुए माननीय श्री यतीन्द्र जी ने कहा कि भारत केंद्रीय शिक्षा का संपूर्ण तंत्र तैयार हैं। भारतीयता से ओतप्रोत वाला भारतीय समाज इस शिक्षा से तैयार करना हैं। कैसा समाज हो इस को केंद्र में रखकर इस प्रतियोगिता का निर्माण हुआ हैं। अपना देश बहुत विशाल है इस प्रतियोगिता का हेतु यह है कि झुग्गी से लेकर महलों तक सभी को समान रूप से शिक्षा मिले। माननीय श्री यतीन्द्र जी ने कहा कि ज्ञान आधारित गुणवत्ता युक्त आधारित शिक्षा का वातावरण बने इस विचार को लेकर इस प्रतियोगिता का निर्माण हुआ हैं। 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक यह प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रतियोगिता किशोर आयु वर्ग को लेकर के आयोजित की गई हैं। भविष्य में ऐसे किशोर गुणात्मक परिणाम दे सकेंगे। शिक्षकों को भी इससे जोड़ा गया है। पूर्ण परिवर्तन आए जिस को ध्यान में रखकर यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं। मेरी शिक्षा मेरा भारत वेबिनार के माध्यम से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया हैं।

इस कार्यक्रम में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र जी, बालिका शिक्षा प्रमुख उमाशंकर मिश्र, प्रशिक्षण प्रमुख दिनेश, क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा आदि गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में अवध प्रांत के प्रांत निरीक्षक राजेंद्र बाबू ने कार्यक्रम में उपस्थित हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया हैं।

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