Site icon Buziness Bytes Hindi

पंत के साथ अन्याय क्यों?

T20 World Cup

अमित बिश्‍नोई

कल पर्थ के मैदान पर साउथ अफ्रीका के हाथो मिली हार से टीम इंडिया की चिंताएं बढ़ी हैं. वैसे तो यह लो स्कोरिंग मैच काफी टक्कर का रहा है लेकिन इस महत्वपूर्ण मैच में जिस योजना के साथ रोहित की टीम उतरी उसपर लोग सवाल ज़रूर उठा रहे हैं. मैच से पहले टीम इंडिया के बैटिंग कोच विक्रम राठौर ने unchange टीम के साथ मैच में जाने की बात कही थी लेकिन जब मैदान पर अक्षर की जगह हुड्डा नज़र आये तो पहला सवाल यही उठा कि अतिरिक्त बल्लेबाज़ क्यों? वह भी तब जब टीम इंडिया पिछले दो मैचों में धुंआधार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन कर चुकी थी, रोहित शर्मा ने भी पचासा जड़कर फॉर्म में वापसी का संकेत दिया था, उपकतान राहुल ज़रूर निराश कर रहे थे. हुड्डा को खिलाना क्या पंत के साथ नाइंसाफी नहीं है?

सवाल यह उठ रहा था कि क्या रोहित शर्मा साउथ अफ्रीका के तेज़ गेंदबाज़ों को लेकर दबाव में थे, क्या उन्हें लग रहा था पर्थ पर इनका सामना करने में परेशानी हो सकती है. अगर ऐसा था तो फिर पर्थ जैसी उछाल भरी पिच के लिए पंत पहली पसंद होने चाहिए क्योंकि ऐसी पिचें तो उनको बहुत सूट करती हैं जहाँ गेंद बल्ले पर आसानी से और ऊपर की hight पर आये. ऑस्ट्रेलिया में खेलने के अनुभव की जहाँ तक बात है तो वहां भी पंत हुड्डा पर भारी पड़ते हैं, पंत ने ऑस्ट्रेलिया में कुछ यादगार पारियां भी खेली हैं, एक बल्लेबाज़ के तौर पर हुड्डा को पंत पर प्राथमिकता देना थिंक टैंक की बड़ी गलती लग रही है. और फिर हुड्डा को अगर इसलिए शामिल किया गया था कि छठा बॉलिंग ऑप्शन होगा तो फिर उसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया वह भी तब जब आपका इकलौता स्पिनर पिटाई खा रहा था.

दूसरी गलती रवि अश्विन की गेंदबाज़ी को लेकर हुई, अश्विन जो पिछले मैचों में भी अच्छी लय में नहीं दिखे, उनको विकेट हासिल नहीं हो पा रहे थे, यहाँ भी पिटाई पड़ रही थी लेकिन उनसे 18 वां ओवर करवाना कहाँ से सही ठहराया जा सकता है. वैसे भी जब आप पांच गेंदबाज़ों के साथ जाते हैं तो हर कप्तान की कोशिश यही होती है कि स्पिनर के ओवरों को 15 ओवर तक ख़त्म करवा दिया जाय. हार्दिक पंड्या जो अभी तक आपकी छठे बॉलिंग ऑप्शन के रूप में थे साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्हें मेन बॉलर बना दिया गया, यह रणनीति भी समझ से परे रही. माना कि उन्होंने पिछले दो मैचों में अच्छी गेंदबाज़ी की लेकिन इतने महत्वपूर्ण मैच में, वह भी पर्थ जैसी पिच पर समझदारी भरा फैसला तो कतई नहीं कहा जा सकता।

दिनेश कार्तिक के टीम में शामिल होने पर तो पहले भी सवाल उठते रहे हैं और अब लग रहा है कि वो सवाल जायज़ थे. दिनेश कार्तिक पिछले तीन मैचों में जिस तरह खेले हैं वह बड़ा दयनीय रहा है, पाकिस्तान वाले मैच में तो उन्होंने लुटिया ही डुबो दी थी, उनके आउट होने के अंदाज़ पर सिर्फ तरस ही आ रहा था, ऐसे में तो यह पंत के साथ खुले तौर अन्याय ही हो रहा है. विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में राहुल जैसे बल्लेबाज़ का सुपर फ्लॉप होना टीम की चिंता का बड़ा कारण बनता जा रहा है, टीम मैनेजमेंट को उनको लेकर सोचना होगा। भले ही वह एक बड़े बल्लेबाज़ हैं और टीम के उपकप्तान हैं लेकिन टीम की जीत सबसे ऊपर होती है. भारत के पास आगे अब चांस लेने का ज़्यादा मौका नहीं है, टीमें दोनों भले ही अपेक्षाकृत कमज़ोर हों लेकिन आप भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं इसलिए आगे बहुत समझदारी की ज़रुरत है.

Exit mobile version