तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के खैरताबाद की गणेश मूर्ति अपनी ऊंचाई के लिए जानी जाती है। यह इस साल देश की सबसे ऊंची गणेश मूर्ति है। हैदराबाद के सबसे ऊंचे खैरताबाद गणेश मूर्ति की तैयारी पर एक करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा। दिलचस्प बात यह कि इस साल प्लास्टर आफ पेरिस के मुकाबले पर्यावरण के अनुकूल मिट्टी की गणेश मूर्ति स्थापित करने का फैसला लिया है। भगतों का कहना है कि हर साल प्लास्टर आफ पेरिस से गणेश मूर्ति बनाई जाती है लेकिन इस साल मिट्टी की गणेश मूर्ति बनाई जा रही है यह अच्छा है कि पर्यावरण के अनुकूल गणेश मूर्तियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। दशकों के बाद खैरताबाद में गणेश प्रतिमा स्थापना की जाएगी। इस मूर्ति को बनाने के लिए चेन्नई से कलाकार आए हैं। यहां पर 50 से 100 लोग गणेश मूर्ति पर काम कर रहे हैं जो अलग-अलग राज्यों से हैं।’ लोग यहाँ हर साल खैरथाबाद गणेश प्रतिमा को देखने आते हैं। हैदराबाद में सबसे बड़ी गणेश प्रतिमा को देखने बहुत से लोग यहां आएंगे।’ खैरताबाद गणेश उत्सव समिति के आयोजक राज कुमार ने बताया कि शकीरिया जी ने 1954 में यहां पर गणेश प्रतिमा की स्थापित शुरू की थी।
हर साल इस गणेश मूर्ति की एक फुट ऊंचाई बढ़ाई जाती है। 2015 में 60 साल पूरे हो गए और आयोजकों ने सोचा कि अब हम हर साल इस मूर्ति का आकार कम करेंगे लेकिन भक्तों ने सलाह दी कि खैरताबाद गणेश की विशेषता ऊंचाई है और हमें आकार कम न करने के लिए कहा। उसके बाद आयोजको ने अपना फैसला बदल दिया। इन 68 वर्षों में इस साल पहली बार मिट्टी के गणेश को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस साल 150 कलाकार गणेश मूर्ति पर काम कर रहे हैं। ओडिशा, तमिलनाडु, कोलकाता, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे 5 अलग-अलग राज्यों से पहले से पेंट आने लगे हैं। मूर्ति को पूरा करने में 80 दिन का समय लगता हैं और इसका काम एक जून से शुरू कर दिया गया है। इस गणेश मूर्ति के श्रद्धालुओं के लिए दर्शन 31 अगस्त से शुरू होंगे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन को गणेश प्रतिमा के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया है।
