India vehicle industry : 2023 तक दुनिया में तीसरे नंबर पर भारत की वाहन इंडस्ट्री होगी। देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में ऑटो सेक्टर का योगदान बढ़कर 7.1 प्रतिशत हो गया है। जो 1992-93 में मात्र 2.77 प्रतिशत था। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि आटो सेक्टर कितनी तेजी से बढ़ रहा है।
सरकार ने आज सोमवार को कहा कि भारत का वाहन उद्योग 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर होगा। देश का यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। वाहन और गाड़ियों के कलपुर्जों के लिये 25,938 करोड़ रुपए की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) जैसी योजनाएं इस क्षेत्र के विकास को गति दे रही हैं।
PLI योजना के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए कल मंगलवार को सम्मेलन
भारी उद्योग मंत्रालय PLI योजना के प्रदर्शन की समीक्षा के लिए कल मंगलवार को सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। इसमें संबंधित पक्षों के साथ बैठक की अध्यक्षता भारी उद्योग मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय करेंगे। सम्मेलन में योजना के माध्यम से उपलब्ध अवसरों को समझने पर विशेष रूप से गौर किया जाएगा। बैठक में जिन पक्षों के उपस्थित रहने की संभावना है— उनमें PLI के लिए आवेदन देने वाली वाहन कंपनियां, परीक्षण एजेंसियां आदि शामिल हैं। सभी अपने अनुभव बैठक में साझा करेंगे और चिंताओं तथा चुनौतियों का समाधान करेंगे। आधिकारिक बयान के मुताबिक ये इन योजनाओं के व्यापक प्रभाव से वाहन उद्योग आगे बढ़ेगा और अनुमान है कि यह उद्योग 2030 तक दुनिया में तीसरे स्थान पर होगा…।
GDP में योगदान बढ़कर लगभग 7.1 प्रतिशत
देश में वाहन उद्योग अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभों में से है। सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इस क्षेत्र का योगदान बढ़कर लगभग 7.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। जो 1992-93 में मात्र 2.77 प्रतिशत था। यह क्षेत्र प्रत्यक्ष एवं परोक्ष (indirect) रूप से 1.9 करोड़ से अधिक लोगों की रोजी रोटी का साधन है।
