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Uttarakhand News: गुलदार के हमले के बाद बढ़ी स्नेक बाइट की घटनाएं, एक केस में लगी 40 वैक्सीन

देहरादून। उत्तराखंड में अब स्नेक बाइट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस समय प्रतिदिन कम से कम 10 से अधिक केस रोज सांप से डसने के आ रहे हैं। गुलदार के हमले के बाद अब स्नेक बाइट की घटनाओं में इजाफा हुआ है। यह स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का सबब है। एक स्नेक बाइट के केस में ही 40 के करीब वैक्सीन मरीज़ को लगा दी जाती हैं। उत्तराखंड में गुलदार के बाद अब सांप के डसने के मामले में मौत अधिक हो रही है। 2021 के रिकॉर्ड के अनुसार 2021 में स्नेक बाइट में 21 लोगों की जान चली गई थी। जबकि 22 लोग गुलदार के हमले में मारे गए थे। इस साल पिछले छह माह में सांप से डंसने के करीब 300 से अधिक केस आ चुके हैं। देहरादून मेडिकल कॉलेज की इमर्जेंसी सेवा में तैनात डॉक्टर बताते है कि प्रतिदिन दो से तीन केस स्नेक बाइट के सामने आ रहे हैं। इनमें मरीज की ब्लड सैंपलिंग के बाद आगे का इलाज किया जाता है। डॉक्टर का कहना है कि स्नेक बाइट में 10 प्रतिशत सांप ही जहरीले होते हैं। जिनमें इलाज में 40 वैक्सीन तक मरीज को लगाई जाती है।

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इसमें पहले टिटनस का इंजेक्शन उसके बाद फिर ब्लड सैंपल लेते हैं। डा0 नरेश का कहना है कि मरीज़ को टिटनस का इंजेक्शन लगता है। उसके बाद ब्लड सैंपल के बाद आगे का इलाज किया जाता है। मेडिकल कॉलेज में स्नेक बाइट का नि:शुल्क इलाज किया जाता है। जबकि प्राइवेट अस्पताल इसमें 10 से 20 हजार तक में शुरूआती खर्च आ जाता है।  इस समय कोटद्वार, हल्दानी,देहरादून ज़िलों में बरसात के मौसम में स्नेक बाइट के मामले अधिक सामने आते  हैं। वहीं 108 कॉल सेन्टर में सांप से डंसने के मामले दर्ज किए जाते हैं। सरकार की ओर से सांप डसने से होने वाली मौत पर चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाने का प्रावधान है। वहीं बॉडी पार्ट खराब होने पर एक से दो लाख तक का मुआवजा दिया जाता है। ऐसे में स्नेक बाइट के मामले अब तेज़ी से सामने आने लगे हैं।

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