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Bala Fort Alwar: अलवर जिले में स्थित बाला किला है बेहद अद्भुद, जरूर करे सैर !

Bala Fort Alwar

लाइफस्टाइल डेस्क। Bala Fort Alwar – राजस्थान अपने समृद्ध इतिहास के कारण प्रसिद्ध है, यहां कई शासकों का राज रहा है। यहां महत्वपूर्ण किले व इमारतें है, जिन्हे देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। राजस्थान में स्थित ये किले आकर्षण का केन्द्र हैं। इन्हीं किलों में से एक है बाला किला, ये अलवर जिले में स्थित है। यह अलवर शहर की एक पहाड़ी पर सबसे पुरानी इमारत है।

इस किले का प्रमुख नाम बाला किला है, लेकिन इसे अलवर के किले के नाम से भी जानते हैं। साथ ही एक अन्य नाम कुंवारा किला भी है,ये नाम इसीलिए है क्योकि इस किले पर कभी युद्ध नहीं हुआ।

इसके इतिहास की बात करे तो, ये अलवर में बेहद ही महत्वपूर्ण किला माना जाता है। इस किले का निर्माण हसन खान मेवाती ने 1551 ईस्वी में किया था। यहां मुगलों के अलावा मराठों और जाटों का भी शासन रहा था। वास्तुकला की बात की जाए तो यह भी बेहद अद्भुत है, ऐसा इसीलिए क्योकि कई शैलियों के मिश्रण से तैयार ये तैयार किया गया है। ये लगभग 5 किलोमीटर की दूरी तक फैला हुआ है, और किले में 6 प्रवेश द्वार हैं। इन प्रवेश द्वार को पोल कहा जाता है और इनका नाम शासकों के नाम पर रखा गया है- चांद पोल, सूरज पोल, कृष्ण पोल, लक्ष्मण पोल, अंधेरी गेट और जय पोल। किले की दीवारों पर सुंदर मूर्तियां है, जो इसे और भी सुन्दर बनती है।

यह किला समुद्र तल से 1960 फुट की ऊंचाई पर है , यहां से आपको शहर का बेहद ही अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। इसका डिजाइन दुश्मनों पर गोली चलाने के लिए करवाया गया था। किले में बंदूकें चलाने के लिए करीबन 500 छिद्र हैं और दुश्मनों पर पैनी नजर बनाए रखने के लिए लगभग 15 बड़े टॉवर और 51 छोटे टॉवर है। कभी अलवर जाएं तो यहां की सैर करना न भूले।

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