GST: जीएसटी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने से लेकर निवेश को बढ़ावा देने में प्रेरणादायक रहा है। ऐसा वित्त मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा। उनका कहना है कि जीएसटी के क्रियान्वयन से taxpayer के लिए टैक्स Law का पालन करना आसान हो गया है। छह साल पहले लागू की गई जीएसटी से नागरिकों पर कर का बोझ कम हुआ। इससे देश में खपत को गति मिली है। सरकार ने इसकी जानकारी दी है।
सरकार ने कहा, जीएसटी की मदद से परिवारों को मासिक बिल कम करने में सहायता मिली। सरकार ने जीएसटी लागू होने से पहले और उसके बाद वस्तुओं पर कर दरों की तुलना के बाद यह बात कही है। जीएसटी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के साथ ही निवेश को बढ़ावा देने में सहायक रहा है। इसी के साथ इसके क्रियान्वयन ने करदाताओं के लिए टैक्स कानून का पालन करना भी आसान बनाया है।
पहले देना पड़ता था 31 प्रतिशत कर
जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड करदाताओं की संख्या अप्रैल, 2018 तक 1.03 करोड़ थी। इस बार एक अप्रैल, 2023 में ये संख्या 1.36 करोड़ पर पहुंच गई है। जीएसटी में 17 स्थानीय शुल्कों को समाहित किया है। इससे पहले वैट, उत्पाद शुल्क, केंद्रीय बिक्री कर और प्रभाव के कारण एक उपभोक्ता को 31 प्रतिशत कर देना होता था।
इन मोर्चों पर सफलता
कर चोरी के लिए धोखाधड़ी के नए तरीके आजमाए जा रहे हैं। लेकिन, कर अधिकारी उनसे निपटने की कोशिश में लगे हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का दावा करने के लिए जाली कागजों के आधार पर फर्जी कंपनियां बनाने वालों की धरपकड़ के लिए जीएसटी अधिकारियों ने डाटा विश्लेषण, एआई और मशीन लर्निंग का उपयोग शुरू किया है।

