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मां के बिना जीवन की कल्पना अधूरी: : आनंदीबेन पटेल


मां के बिना जीवन की कल्पना अधूरी: : आनंदीबेन पटेल

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मातृ दिवस के अवसर पर आम्बा फाउण्डेशन द्वारा आयोजित वेबिनार को राजभवन से सम्बोधित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में माता को मातृ देवा भवः कहा गया है, अर्थात माँ का स्थान भगवान से ऊपर है। उन्होंने कहा कि मां की गोद बच्चे के लिये दुनिया का सबसे सुरक्षित स्थान है। अतः मां के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।

राज्यपाल ने कहा कि हमारा देश महान संस्कृति और परम्पराओं वाला देश है, जहां लोग अपनी मां को प्रथम प्राथमिकता देते हैं। हम सभी अपनी मां के प्यार, देखभाल कड़ी मेहनत और प्रेरणादायक विचारों को महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में लाकडाउन के कारण हम सभी का अधिकांश समय घर पर ही मां की छांव में बीतता है। अतः बच्चों का दायित्व बनता है कि वे ऐसा कुछ करें, जिससे मां अच्छा अनुभव करे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे मां की पसंद का खाना बना सकते हैं, उनके कार्यों में मदद कर सकते हैं। उनके लिये सुन्दर सा गिफ्ट तैयार कर सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि कोविड-19 के दौरान मां की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता। माताएं भी कोरोना महामारी के दौरान एक साथ रह रहे परिवार को टीम भावना के साथ कार्य करने बच्चों को उनके हुनर के हिसाब से काम करने व संकट के इस समय में धैर्य, संयम एवं साहस से कार्य करने की सीख दे सकती हंै। बच्चे यदि कोरोना पोजिटिव हंै तो उनका संबल बनकर कोविड प्रसार को राकने के लिये समर्पित भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा हम सभी केवल मातृ दिवस के अवसर पर ही मां का सम्मान न करें बल्कि मां के प्रति यह सम्मान सदैव बनाये रखें। एक मां भी कोरोना वालंटियर की भूमिका में सदैव परिवार के लिये तैयार रहती है। इस दृष्टि से मातृत्व की भावना को सलाम किया जाना चाहिये।

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श्रीमती आनंदीबेन पटेल अपील की कि कोविड-19 की दूसरी लहर का दौर अभी थमा नहीं है। अतः वैक्सीनेशन के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें तथा कोविड सुरक्षा मानकों का स्वयं पालन करें तथा अपने परिवार व समाज को भी इसके लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि ऐसी विषम परिस्थितियों में शमसान घाटों पर जो महिलाएं अन्तिम संस्कार में सहयोग कर रही हैं। उनका भी सम्मान किया जाना चाहिये।

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