मेरठ। आमतौर पर विश्वविद्यालय और कालेज के कैंपस जहां पर हास्टल होते हैं वो आधी रात तक गुलजार रहते हैं। लेकिन मेरठ में एक निजी विश्वविद्यालय का कैंपस ऐसा है जहां पर अराजकतत्वों के खौंफ के कारण सन्नाटा छाया रहता है। इस विवि का नाम आईआईएमटी है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय शिक्षा के नाम पर ना तो कैंपस में बेहतर माहौल दे सका और ना कैंपस के हास्टल में रहने वाले छात्र—छात्राओं को बेहतर सुरक्षा। शिक्षा और सुरक्षा के नाम पर आईआईएमटी विश्वविद्यालय अपने मानकों पर पूरी तरह से फेल हो चुका है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के एलएलबी के छात्र सचिन यादव की हत्या के बाद से माहौल और अधिक खराब हो गया है। आईआईएमटी विश्वविद्यालय परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने छात्र—छात्राओं पर पूरी सख्ती की हुई है।
छात्र—छात्राएं कैंपस में आने वाले किसी भी व्यक्ति से बातचीत नहीं कर सकते। इतना ही नहीं इनके बाहर जाने पर भी पूरी नजर रखी जा रही है। जबकि कैंपस में घूमने वाले अराजकतत्वों पर आईआईएमटी विश्वविद्यालय प्रशासन अंकुश नहीं लगा सका। यहीं कारण है कि अब विश्वविद्यालय कैंपस में शाम को पांच बजे के बाद पूरी तरह से सन्नाटा छा जाता है। कैंपस परिसर में ना तो छात्रों का झुंड दिखाई देता है और ना उनकी चहल पहल। यहीं कारण है कि अब आईआईएमटी विश्वविद्यालय में बाहर से आने वाले छात्रों ने भी मुंह मोड़ लिया है। बाहर के छात्र आईआईएमटी विवि कैंपस में अराजकता और असुरक्षा को देखते हुए अब दूसरे विश्वविद्यालयों की ओर रूख कर रहे हैं।
ये था मामला :
गंगानगर स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्र सचिन यादव की 16 जून को गोली मारकर हत्या कर दी थी। सचिन ने 20 जून को अस्पताल में दम तोड़ दिया था। एलएलबी के छात्र सचिन यादव की हत्या मामले में सात आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी हैं। बाकी फरार 24 आरोपियों की तलाश में पुलिस की दबिश अभी जारी है।
