IIMT University के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

उत्तर प्रदेशIIMT University के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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सहारनपुर की अनु गुप्ता की मौत के बाद कई सवाल खड़े; मोबाइल, सीसीटीवी और हॉस्टल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

मेरठ। आईआईएमटी यूनिवर्सिटी के गर्ल्स हॉस्टल में बुधवार सुबह हुई छात्रा की मौत ने पूरे कैंपस को झकझोर कर रख दिया। सहारनपुर निवासी छात्रा अनु गुप्ता हॉस्टल की छत से नीचे गिरी मिली। घटना की जानकारी अन्य छात्राओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को दी, जिसके बाद आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या से जुड़ा माना जा रहा है, लेकिन पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। छात्रा के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया चैट और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि अनु गुप्ता यूनिवर्सिटी में प्रोफेशनल कोर्स की छात्रा थी और गर्ल्स हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बुधवार सुबह हॉस्टल में रहने वाली कुछ छात्राओं ने अचानक नीचे एक युवती को गंभीर हालत में पड़ा देखा। पास पहुंचने पर पहचान अनु गुप्ता के रूप में हुई। इसके बाद तुरंत हॉस्टल प्रशासन को सूचना दी गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। हॉस्टल स्टाफ और छात्राओं की मदद से छात्रा को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए गए हैं और छात्रा के करीबी दोस्तों व सहपाठियों से पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि घटना से पहले छात्रा किसी तनाव, विवाद या मानसिक दबाव में थी या नहीं।

घटना के बाद सहारनपुर से पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा है कि जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि छात्रा की ओर से पहले किसी गंभीर परेशानी की शिकायत सामने नहीं आई थी। हालांकि इस घटना ने हॉस्टल सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की मानसिक काउंसलिंग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैंपस में बढ़ता मानसिक दबाव बना बड़ी चुनौती

देशभर के विश्वविद्यालयों और प्रोफेशनल कॉलेजों में छात्रों के मानसिक तनाव से जुड़े मामले लगातार बढ़ रहे हैं। करियर का दबाव, पढ़ाई की प्रतिस्पर्धा, पारिवारिक अपेक्षाएं और अकेलेपन की भावना कई युवाओं को मानसिक रूप से कमजोर कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राएं अक्सर अपनी परेशानियां खुलकर साझा नहीं कर पाते। कई बार बाहरी तौर पर सामान्य दिखने वाला छात्र भीतर से गहरे तनाव में होता है। ऐसे मामलों में समय रहते काउंसलिंग और भावनात्मक सहयोग बेहद जरूरी हो जाता है।

मेरठ की यह घटना भी यही सवाल छोड़ गई है कि क्या विश्वविद्यालयों में छात्रों की मानसिक स्थिति पर पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है? क्या हॉस्टल स्तर पर नियमित काउंसलिंग और निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है?

फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच में जुटी है। वहीं छात्रा की मौत ने यूनिवर्सिटी परिसर में गहरा सन्नाटा छोड़ दिया है।

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