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IIMT University Meerut: आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने अपने वाइस चांसलर पर दर्ज करवाया धोखाधड़ी का मुकदमा

मेरठ। मेरठ के आईआईएमटी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के खिलाफ विवि प्रबंधन ने धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि आईआईएमसी के वाइस चांसलर मनोज कुमार मदान करीब एक साल तक धोखाधड़ी कर नौकरी कर रहे थे। मेरठ एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने आईआईएमसी के वाइस चांसलर मनोज कुमार मदान पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आईआईएमटी के प्रबंधन तंत्र का आरोप है कि मनोज कुमार मदान करीब एक साल तक यूनिवर्सिटी में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी कर रहे थे।

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बताया जाता है कि आईआईएमटी के वाइस चांसलर मनोज कुमार मदान के खिलाफ राजस्थान के सीकर जिले के थाना लक्ष्मणगढ़ में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। इस मामले में वो 2019 में जेल गए थे। आईआईएमटी विश्वविद्यालय के अधिकृत प्रतिनिधि मनोज कुमार ने आज सोमवार को एसएसपी ऑफिस पर पहुंचकर अपने विवि के पूर्व वाइस चांसलर मनोज कुमार मदान के खिलाफ शिकायती पत्र दिया। जिसमें आरोप लगाया गया है कि मनोज कुमार मदान ने फर्जी दस्तावेज लगाकर विश्वविद्यालय में नौकरी की और लाखों रुपये अवैध तरीके से वेतन के तौर पर अर्जित किए हैं। इस मामले में एसएससी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि शिकायती पत्र की जांच कर इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। बताया जाता है कि गंगा नगर थाने में पूर्व वाइस चांसलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बता दें कि आईआईएमटी विश्वविद्यालय कई मामलों में सुर्खियों में रह चुका है।

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अभी हाल ही में विवि के एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड को भी आईआईएमटी विश्वविद्यालय के छात्रों ने ही अंजाम दिया था। इस मामले में भी विश्वविद्यालय प्रबंधन तंत्र की कमजोरी सामने आई थी। इससे पहले भी और कई मामले इस तरह के सामने आ चुके हैं जब आईआईएमटी विश्वविद्यालय मीडिया की सुर्खियां बना। मीडिया प्रभारी आईआईएमटी विश्वविद्यालय सुनील शर्मा का इस मामले में  कहना है की मनोज कुमार मदान द्वारा आईआईएमटी विश्वविद्यालय के साथ धोखाधड़ी कर कूटरचित प्रमाणपत्रों के माध्यम से कुलपति की नियुक्ति प्राप्त की गयी थी। मनोज कुमार मदान के विरूद्ध अभियोग पंजीकृत कर कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग पुलिस से की गयी है।

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