नई दिल्ली। मनुष्य काम करते हुए जल्दी थकता है और 40 की उम्र के बाद सोचता है कि काश इतना रुपया हो कि आराम से बैठकर जिंदगी गुजारी जाए। अगर जल्द ही काम से रिटायर होने का सोच रहे हैं तो बचत स्कीमों को अपनाकर अपना से सपना पूरा कर सकते हैं।
यूँ तो रिटायरमेंट की एक तय उम्र होती है, पर ज़्यादातर लोग इस उम्र सीमा से पहले ही रिटायर होना चाहते हैं। इसकी कई वजहें हो सकती हैं। जैसे कि आराम की ज़िंदगी जीना, अपने उन शौक को पूरा करना जिनके लिए नौकरी की वजह से पहले समय निकालना मुश्किल होता था, ट्रैवलिंग, तनावमुक्त जीवन आदि। पर जल्द रिटायर होना इतना आसान नहीं होता। ऐसा कोई भी व्यक्ति जो जल्द रिटायर होना चाहता है, उसके लिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि उसके पास अपने आगे की ज़िंदगी आराम से बिताने के लिए पर्याप्त जमापूँजी हो। जल्द रिटायर होने का एक बेहतरीन उपाय है, जो काफी काम का होता है। इससे लोगों के जल्द रिटायर होने का सपना पूरा हो सकता है।
फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली
जल्द रिटायर होने के लिए एक बेहद ही काम का उपाय है। इसे फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली Method कहते है। FIRE से आशय Financial Independence, Retire Early है। यानि की फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस, रिटायर अर्ली। दूसरे शब्दों में अगर समझा जाएं तो वित्तीय आज़ादी, जल्द रिटायरमेंट यानि की अगर आप वित्तीय रूप से आज़ाद हैं, तो जल्द रिटायर हो सकते हैं।
कैसे करें इस्तेमाल?
FIRE Method का इस्तेमाल एक योजनाबद्ध तरीके से ही किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का इस बारे में मानना है कि इस उपाय के लिए 40 साल की उम्र तक फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति ज़रूरी है। फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस जल्दी रिटायरमेंट में मदद मिलती है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है।
कम उम्र से अपनी आय के एक हिस्से को सेविंग के रूप में जमा करना
सेविंग यानि की बचत करना फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति का सबसे आसान और बेहतरीन तरीका माना जाता है। फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति के लिए कम उम्र से ही सेविंग करना चाहिए। अपनी आय का जितना ज़्यादा हिस्सा हो सके, उसको सेविंग के रूप में जमा करना चाहिए।
आय को इन्वेस्टमेंट के रूप में जोड़ना
अपनी आय के एक हिस्से को इन्वेस्टमेंट के रूप में जोड़ना चाहिए। इससे एक्स्ट्रा प्रॉफिट होता है, जिससे फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति में मदद मिलती है।
खर्चे कम करना
फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति के लिए अपने खर्चों को कम करना भी ज़रूरी है। अनावश्यक खर्चों से बचकर फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति में मदद मिलती है।
आय बढ़ाना
फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस की प्राप्ति के लिए अपनी आय बढ़ाने की कोशिश भी करनी चाहिए। इसके लिए साइड बिज़नेस किया जा सकता है। या फिर बेहतर जॉब पाने की कोशिश भी की जा सकती है।
