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भारत में रहना है तो राम कृष्ण की जय कहना है: मोहन यादव

mohan yadav

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कृष्ण जन्माष्टमी पर लोगों से साफ कहा है कि अगर भारत में रहना है तो राम कृष्ण की जय बोलना होगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किसी का नाम लिए बिना कहा कि अगर आप गैरकानूनी काम करेंगे तो मध्य प्रदेश सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राक्षसी भावना को पहचानने की जरूरत है। मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूं लेकिन कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, अगर कोई कानून तोड़ता है तो सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। मोहन यादव के इस बयान को छतरपुर कोतवाली में पथराव मामले में मुख्य आरोपी बनाए गए हाजी शहजाद अली की हवेली ढहाने की कार्रवाई के बाद उठे सियासी तूफान से जोड़कर देखा जा रहा है।

इस घटना के बाद ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस को कार्रवाई करने के साफ निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ‘शांति का प्रदेश’ है, कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मध्य प्रदेश पुलिस को ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए/ हमारी प्राथमिकता राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखना है।

इसके बाद कांग्रेस ने आरोपियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर मध्य प्रदेश के डीजीपी को ज्ञापन सौंपा और ‘बुलडोजर न्याय’ की ‘प्रवृत्ति’ की निंदा की। वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी हाजी शहजाद अली के घर को गिराए जाने की निंदा की और इसे राज्य प्रायोजित सांप्रदायिकता करार दिया। इसके साथ ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी भाजपा सरकार को घेरा है।

बता दें कि कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले के सिन्नर तालुका के शाह पंचाले गांव में एक धार्मिक आयोजन के दौरान हिंदू संत रामगिरी महाराज ने इस्लाम धर्म के खिलाफ टिप्पणी की थी, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। इसी को लेकर छतरपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने 21 अगस्त को विरोध प्रदर्शन किया था, मुस्लिम धर्मगुरुओं के नेतृत्व में करीब 300-400 लोग ज्ञापन देने थाने पहुंचे थे और रामगिरी महाराज के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग कर रहे थे। तभी पुलिस अधिकारियों से बहस के बाद भीड़ ने थाने पर पथराव कर दिया। इस हमले के बाद स्थानीय प्रशासन ने हाजी शहजाद अली को मुख्य आरोपी बनाया और उनकी हवेली को यह कहते हुए ढहा दिया कि इसका निर्माण अवैध था।

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