उत्तर प्रदेश की 10 विधानसभा सीटों के उपचुनाव से पहले राज्य के मुख्यमंत्री अपने पुराने तेवर में नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आगरा में कहा कि बांग्लादेश के हालात से सबक लें, अगर हम एकजुट रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे, अगर बंटेंगे तो कट जाएंगे। योगी आदित्यनाथ के इस बयान के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं, कहा जा रहा है कि बांग्लादेश के बहाने वह एक खास समुदाय पर निशाना साध रहे हैं और बहुसंख्यक समुदाय को चेतावनी भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश वाली गलतियां यहां नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री आज आगरा में दुर्गादास राठौर की भव्य प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में मुगल बादशाह औरंगजेब को दुष्ट बताया और कहा कि उनका भी इसी आगरा से नाता रहा है। उन्होंने कहा कि जिस देश में दुर्गादास राठौर जैसे महान नायक पैदा होते हैं, उस देश को कोई विदेशी आक्रमणकारी नुकसान नहीं पहुंचा सकता। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दुनिया की हर चीज दिखती है, लेकिन पड़ोसी देश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार नहीं दिखते।
आगरा के बाद मुख्यमंत्री मथुरा पहुंचे और वहां भी उन्होंने बांग्लादेश में हुई हिंसा का जिक्र किया. विपक्ष पर तंज कसते हुए सीएम योगी ने कहा कि आपने देखा होगा कि बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार पर विपक्ष एकदम चुप है क्योंकि उसे वोट बैंक खिसकने का डर है. जिस जमीन पर ये खड़े हैं, उसी की चिंगारी इन्हें जलती नजर आएगी. इसलिए ये चुप हैं और इस पर बोल नहीं पा रहे हैं. सीएम योगी ने आगे कहा कि हमारी विरासत को संभालकर रखना चाहिए. हम सबको ये याद रखना होगा कि 1947 से पहले बांग्लादेश भी भारत का ही हिस्सा था. हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि 1971 में बांग्लादेश को आजाद कराने के लिए हमारे जवानों ने भी अपनी जान की कुर्बानी दी थी और पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा था.

