नई दिल्ली। खाने की पौष्टिकता उसके सेवन समय और तरीके का असर मानव सेहत को सीधा प्रभावित करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की माने तो स्वस्थ और पाचन क्रिया बेहतर रखने के लिए भोजन निर्धारित समय पर करें और कोशिश करें कि प्रतिदिन उसी समय पर भोजन करें। लेकिन अगर रोजाना रात को देर से भोजन करने की आदत है तो यह गंभीर और जानलेवा बीमारियों के खतरे को बढ़ाने का संकेत है। रात में देर से भोजन करने वाले लोगों में मोटापा बढ़ता है। इसके अलावा हृदय रोग और डायबिटीज की संभावना भी अधिक बढ़ जाती है।
रात में देर से भोजन करने की आदत कैलोरी की मात्रा, मेटाबॉलिज्म, पाचन तंत्र को बुरी तरह से प्रभावित करती है। जिसके कारण वजन बढ़ने के खतरे बढ़ते हैं। रात में देर से खाने की आदत से ऊर्जा व्यय में कमी के अलावा भूख में वृद्धि और वसा ऊतकों में परिवर्तन बढ़ा देती है। ये स्थितियां मोटापे के खतरे को बढ़ाती हैं।
निर्धारित समय से चार घंटे के बाद भोजन करने के कारण भूख के स्तर पर महत्वपूर्ण फर्क पड़ता है। जिससे कैलोरी बर्न और वसा का संचय प्रभावित होता है। जो मोटापे का कारण बनती है। देर रात में किया गया भोजन मॉलीक्यूलर पाथवे को प्रभावित करता है। देर से भोजन करने वाले लोगों में लेप्टिन और ग्रेलिन जैसे भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन्स प्रभावित होते हैं।
लेप्टिन हार्मोन पेट भरा होने का संकेत देता है। इसकी देर से भोजन करने वाले लोगों में कमी देखी जाती है। ऐसे लोगों में दूसरे समूह वालों की तुलना में कैलोरी बर्न की गति कम देखी गई है जिसके कारण वजन बढ़ने का खतरा भी अधिक देखा गया। रात के समय में जल्दी भोजन करके और भोजन के बाद वॉक की आदत डालकर इसके जोखिम को कम किया जा सकता है।
