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जिन्ना प्रधानमंत्री बनते तो देश का बंटवारा नहीं होता…


जिन्ना प्रधानमंत्री बनते तो देश का बंटवारा नहीं होता…

वाराणसी। बीती 31 अक्टूबर को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हरदोई में आयोजित एक रैली के दौरान कहा था कि जवाहरलाल नेहरू, महात्मा गांधी, सरदार पटेल और जिन्ना ने एक साथ मिलकर आजादी की लड़ाई लड़ी थी। अखिलेश के इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने सपा प्रमुख पर हमला बोल रखा है। लेकिन ओमप्रकाश राजभर की माने तो यदि जिन्ना को देश का पहला प्रधानमंत्री बनाया गया होता तो देश का बंटवारा नहीं होता।

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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के जिन्ना को लेकर दिए बयान का समर्थन किया है। ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने भी जिन्ना की तारीफ की थी। भाजपा को अखिलेश पर सवाल उठाने से पहले उनके विचारों को भी पढ़ना चाहिए। ओमप्रकाश राजभर ने जिन्ना को प्रधानमंत्री बनाए जाने पर देश का बंटवारा ना होने की बात कह कर विपक्षी दलों को सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधने का एक और मौका दिया है।

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गौरतलब है कि भाजपा जहां इस अखिलेश के बयान को देश विरोधी बता रही है वही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने अखिलेश के बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया को आपसी मिलीभगत बताते हुए चुनाव को हिंदू-मुस्लिम कराने का आरोप लगाया है। अब ओमप्रकाश राजभर ने एक और विवादित बयान देकर सपा को भी संकट में डाल दिया है। कुछ समय से सपा नेताओं के बयान से खराब होती पार्टी की छवि को सुधारने का प्रयास कर रहे अखिलेश यादव के लिये राजभर का यह बयान परेशानी ही पैदा करेगा।

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