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अपने क्षेत्र में जा रही हूं तो पहले भगवान का आशीर्वाद लेकर जाऊंगी — अर्चना गौतम


अपने क्षेत्र में जा रही हूं तो पहले भगवान  का आशीर्वाद लेकर जाऊंगी — अर्चना गौतम

मेरठ हस्तिनापुर से कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना गौतम ने आज चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने से पहले मेरठ के मंदिरों में मत्था टेका। इस दौरान वे सबसे पहले सदर कैंट स्थित बाबा औघडनाथ मंदिर पहुंची और वहां पर बाबा का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने अपनी जीत के लिए विशेष पूजा भी कराई।

मेरठ। Archana Gautam – मेरठ के चुनावी रण में प्रत्याशी अब पूरी तरह से अपनी लय में आ चुके हैं। सदी दलों के प्रत्याशी अब चुनावी प्रचार के लिए अपने क्षेत्र में उतर रहे हैं। लेकिन इससे पहले सभी प्रत्याशी अपने—अपने तरीके से प्रचार अभियान का श्रीगणेश कर रहा है। इसी कड़ी में आज मेरठ की हस्तिनापुर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना गौतम ने अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरूआत से पहले मेरठ के प्रसिद्ध मंदिरों में पूजा अर्चना की। इस दौरान अर्चना गौतम ने शक्ति धाम पीठ में पूजा अर्चना की। इसके बाद वे 1857 की स्वतंत्रता आंदोलन के गवाह रहे औघडनाथ मंदिर पर पहुंची और वहां पर बाबा का आशीर्वाद लिया। पूजा अर्चना के बाद अर्चना गौतम ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता हस्तिनापुर का विकास करना है। उन्होंने कहा कि वे एक महिला होने के नाते महिलाओं के हित की बात भी जीतने के बाद विधानसभा में प्रमुखता से उठाएंगी। कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना गौतम ने कहा कि हस्तिनापुर सरकारी उपेक्षाओं का शिकार हुआ है। ये वो धरती है जहां से महाभारत का इतिहास जुडा हुआ है। इस धरती से कौरव और पांडवों का इतिहास है। देश में इतनी महत्वपूर्ण जगह होने के बाद भी इसकी उपेक्षा किस कदर की गई ये सब आपलोग देख रहे हैं।

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मंदिर में आने के पीछे उद्देश्य पर उन्होंने बताया कि किसी भी अच्छे काम केा करने से पहले मंदिर में जाकर भगवान का आर्शिवाद लिया जाता है। उसी प्रकार वो भी बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए आई हैं। उन्होंने कहा कि वे एक महिला हैं और महिलाओं के लिए लड़ रही हैं। वे युवाओं के लिए लड़ रही हैं। युवाओं की सोच के लिए लड़ रही हैं। महिलाओं केा उनका अधिकार नहीं मिल रहा है। महिलाओं की सोच बदलेगी तो देश का विकास होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक हस्तिनापुर को इंसाफ नहीं मिला है। हस्तिनापुर अभी तक विकसित नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि द्रोपदी के शाप वाली सोच से हमको इसे मुक्त कराना है। मैं लोगों से जुड़ना चाहती हूं। महिलाओं से और युवाओं से जुड़कर हस्तिनापुर को विकसित करना है।

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