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642 गेंदों वाले टेस्ट मैदान पर आया ICC का फैसला, मिला एक डिमेरिट अंक

ICC's decision came on test field with 642 balls, got one demerit point

आखिरकार उस बदनाम पिच के बारे में ICC का फैसला आ ही गया जिसपर सिर्फ डेढ़ दिन में, मात्र 642 गेंदों में टेस्ट मैच समाप्त हो गया था, जी हाँ मैं दक्षिण अफ्रीका के शहर कैप्टाउन के न्यूलैंड ग्राउंड की पिच की बात कर रहा हूँ जिसपर अभी हाल में दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच दो मैचों की टेस्ट श्रंखला का आखरी मैच खेला गया था और जिसे भारत ने सात विकेट से जीत लिया था. ICC ने इस पिच को खराब रेटिंग के साथ एक डिमेरिट पॉइंट दिया है और अपील के लिए 14 दिन का समय.

बता दें कि सिर्फ 107 ओवर चले इस टेस्ट मैच में पहले दिन 23 विकेट गिरे वहीँ दूसरे दिन भी ये पतझड़ जारी रही और दक्षिण अफ्रीका के सात और भारत के तीन विकेट गिरे। इस पिच को लेकर बड़ी हाय तौबा मची और इसे टेस्ट क्रिकेट के लिए एक कलंक बताया गया. ICC पर टेस्ट क्रिकेट को बर्बाद करने के आरोप लगने लगे. पूर्व क्रिकेटरों ने खिलाडियों के टेस्ट टेम्परामेंट पर सवाल उठाये क्योंकि एडम मारक्रम का शतक भी इसी पिच पर बना. मैच के बाद भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने अपरोक्ष रूप से ICC पर हमला किया और कहा कि उन्हें इस तरह की पिचों पर खेलने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन फिर भारतीय पिचों पर सवाल उठाना भी बंद होना चाहिए. बता दें कि ODI विश्व कप के फाइनल की अहमदाबाद की पिच को लेकर ऑस्ट्रेलिया और ICC दोनों ने सवाल खड़े किये थे.

टेस्ट इतिहास के सबसे अल्पकालिक मैच ने ICC को कटघरे में खड़ा कर दिया, हालाँकि एक डिमेरिट की सज़ा पिच को देखते हुए कैप्टाउन के लिए राहत की बात ही कही जाएगी। अगर भारत में इतना छोटा मैच खेला गया होता तो न जाने कितना हंगामा होता। न्यूलैंड की पिच पर दोनों दिन गेंदबाज़ों का दबदबा रहा, गेंद कभी टखने की ऊँचाई पर आ रही थी तो कभी नाक के सामने से गुज़र रही थी. बता दे कि एक डिमेरिट अंक उन मैदानों को दिया जाता है जिनकी पिच और आउटफील्ड के बारे में मैच रेफरी अच्छी रिपोर्ट नहीं देते जब किसी भी मैदान की पिच को छह डिमेरिट अंक मिल जाते हैं, तो उस मैदान पर 12 महीने के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट प्रतिबंधित हो जाता है जबकि 12 डिमेरिट अंक होने पर ये प्रतिबन्ध दो साल का हो जाता है।

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