देहरादून। माहे रमजान के पाक महीने में मुसलमानों के लिए रोजा खुदा की इबादत है। रोजे से बढ़कर अगर कोई चीज है तो वह है मानवता का धर्म है। इसी बात को अमल में लाते हुए देहरादून में उत्तराखंड पुलिस के एक जवान ने कुछ ऐसा कर दिया। जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है। उत्तराखंड पुलिस के सिपाही शाहनवाज ने अपना रोजा तोड़ते हुए बच्चे की जान बचाने के लिए खून दान किया।
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मामला देहरादून के हिमालयन जौलीग्रांट हॉस्पिटल का है। जहां पर एक 10 साल की बच्ची को खून की सख्त जरूरत थी। कोई भी ब्लड डोनर उस बच्ची को खून देने के लिए उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। ऐसे ही में देहरादून पुलिस का सिपाही शाहनवाज आगे आया जिसने अपना रोजा तोड़ते हुए बच्ची को रक्तदान किया। शाहनवाज के इस पहल पर न केवल हॉस्पिटल प्रबंधन और कर्मचारी खुश हुए बल्कि बच्ची के परिजन भी शाहनवाज को दुवाएँ देते रहे। बच्ची के लिए शाहनवाज के रूप में भगवान बनकर यह सिपाही आया।
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पुलिस अधिकारीयो ने शाहनवाज के इस कदम की सराहना करते हुए सिपाही की पीठ थपथपाई। देहरादून एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने कहा कि दुनिया मे सबसे बड़ा धर्म मानवता का धर्म है। शाहनवाज ने अपने इसी धर्म का पालन किया है। उन्होंने कहा कि शाहनवाज ने मानवता की मिसाल पेश की है जो दूसरों के लिए प्रेरणादायक है। रोजा तोड़कर रक्तदान करने वाले शाहनवाज कहते है कि जिस समय वे रक्तदान कर रहे थे तो उनके दिल और दिमाग मे कोई भी इस तरह का ख्याल नही आया कि वे रोजा तोड़कर यह काम कर रहे है। उन्होंने उस समय मुझे यह लगा कि यही सबसे बड़ा धर्म है जिसका हर व्यक्ति को पालन करना चाहिए।

