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बिना इंजेक्शन कैसे होगा ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज


बिना इंजेक्शन कैसे होगा ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज

गुजरते समय के साथ बढ़ रहा मरीजों की जान को खतरा
सीएमओ ऑफिस में भी इंजेक्शन न होने के कारण परेशान तीमारदार

ऋषिकेश । कोरोना संक्रमण से जूझ रहे उत्तराखंड के लोगों को इसके उपचार में काम आने वाले रेडमे‍सिवर इंजेक्शन के लिए भटकना पड़ा था। यही हालात अब ब्लैक फंगस के उपचार में काम में आने वाले इंजेक्शन अम्फ्रॉथेसिन बी को लेकर बन गए हैं। लेकिन इस इंजेक्शन की उपलब्धता न होने के कारण चीफ मेडिकल ऑफिसर ने भी मदद कर पाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। परेशान तीमारदार सीएमओ ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। कई तीमारदार तो ऐसे हैं जिन्होंने सीएमओ ऑफिस में ही डेरा जमा लिया है और इंजेक्शन आने का इंतजार कर रहे हैं।

ऋषिकेश के ऑल इंडिया मेडिकल ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में इस समय अनेक मरीज ब्लैक फंगस का उपचार करा रहे हैं।ब्लैक फंगस के इलाज में उपयोग में लाये जाने वाले इंजेक्शन अम्फ्रॉथेसिन बी को अब सरकारी माध्यम से ही दिए जाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में यह इंजेक्शन बाजार में भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ब्लड फंगस से पीड़ित मरीज के परेशान तीमारदार इंजेक्शन हासिल करने के लिए भटक रहे हैं।सरकारी निर्देशों के अनुसार मरीज के परिजन संक्रमित व्यक्ति के रिपोर्ट लेकर सीएमओ ऑफिस पहुंच रहे हैं मगर स्वास्थ्य विभाग के पास भी यह इंजेक्शन उपलब्ध नही है।

बताया गया कि ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज को 70 से लेकर 100 इंजेक्शन तक लगाये जाते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास इतने इंजेक्शन नहीं है कि वह सभी मरीजों को उपचार के लिए इंजेक्शन दे पाए। चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ अनूप डिमरी का कहना है कि यह आवश्यक इंजेक्शन अभी स्वास्थ्य विभाग के पास भी उपलब्ध नहीं है। जबकि इंजेक्शन की मांग बढ़ती जा रही है। इस बारे में अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है। आशा है कि जल्द ही पर्याप्त मात्रा में इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएंगे।

बिना इंजेक्शन के बिना मरीजों की जान को खतरा
ब्लैक फंगस के मरीजों पर संक्रमण बड़ी तेजी के साथ हमला करता है और उनके आंतरिक अंगों को प्रभावित कर लेता है। गुजरते समय के साथ मरीजों की जान को खतरा बढ़ रहा है। लेकिन बिना इंजेक्शन ऐसे मरीजों का उपचार करना भी संभव नहीं दिखता। इंजेक्शन की उपलब्ध न होने के कारण ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों की जान को खतरा बढ़ता जा रहा है।

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