टीम इंडिया को लगता है किसी की नज़र लग गयी है, एक बुरी खबर के बाद कोई अच्छी खबर आती है कि फिर कोई बुरी खबर सामने आ जाती है. पिछले विश्व कप की कड़वी यादों को भूलकर टीम इंडिया इस विश्व कप की कब से तैयार कर रही थी. अपने कई खिलाड़ियों को सहेजकर रखे हुए थी लेकिन उसकी सारी यजनाओं को टीम के मुख्य खिलाडियों की चोटों ने पलीता लगा दिया है. पहले रविंद्र जडेजा विश्व कप से बाहर हुए, फिर खबर आयी कि दीपक हुड्डा भी चोटिल हो गए हैं और वर्ल्ड कप से बाहर हो सकते हैं और अब टीम को सबसे बड़ा झटका जसप्रीत बुमराह के रूप में लगा है. भारतीय तेज़ आक्रमण का स्पेअरहेड समझे जाने वाले बुमराह की चोट के बारे में जो रिपोर्ट सामने आ रही है उसके हिसाब से उनके कमर में स्ट्रेस फ्रैक्चर है जो कई सवालों को जन्म दे रहा और साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि बुमराह जैसे गेंदबाज़ की कमर में फ्रैक्चर हुआ तो इसकी भनक बॉर्ड को या NCA में बुमराह को ट्र्रेनिंग करा रहे लोगों को कैसे नहीं लगी.
एक तेज़ गेंदबाज़ का बार चोटिल होना उसके लिए कोई अच्छी निशानी नहीं होता, यह तीसरा मौका है जब बुमराह को चोट की वजह से टीम से बाहर होना पड़ा है. एक तेज़ गेंदबाज़ के लिए उसका घुटना, एड़ी और कमर सबसे महत्वपूर्ण होता है. शरीर के यह हिस्से उसके कैरियर के लिए सबसे अहम होते हैं. क्रिकेट के इतिहास को अगर उठाकर देंखे तो जिस भी तेज़ गेंदबाज़ को शरीर के इन हिस्सों में समस्या आयी है वो उसके कैरियर घातक ही साबित हुई है। बुमराह के मामले में भी यह बात सही साबित हो रही है क्योंकि हर बार उनको कमर की ही समस्या रही है जो अब जल्दी जल्दी उभर रही है. वैसे बुमराह का गेंदबाज़ी एक्शन भी कुछ ऐसा है कि उनकी कमर पर ज़्यादा ज़ोर पड़ता है. कई विश्व प्रसिद्ध पूर्व तेज़ गेंदबाज़ भी इस बारे में आशंका जता चुके हैं कि देर सवेर बुमराह को इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है और वो आशंका अब सच साबित होती दिख रही है.
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दरअसल इस पूरे मामले में बोर्ड की लापरवाई भी सामने आयी है, अब जबकि टीम इंडिया इतनी हाई टेक हो चुकी, इतनी एडवांस ट्रेनिंग से खिलाडी गुज़रते हैं, इतने प्रोफेशनल लोगों की निगरानी में यह लोग रहते हैं तो फिर ऐसा कैसे मान लिया जाय कि बुमराह के स्ट्रेस फ्रैक्चर की बात उन्हें पता नहीं लगी, और उससे बड़ी बात कि उसी चोट के साथ उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उतार दिया गया जिसने उनकी चोट को और ख़राब कर दिया। अगर आप ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उन मैचों को देखें तो बुमराह अपनी लय में कहीं नहीं दिख रहे थे. बुमराह जैसे गेंदबाज़ को चौके लगाना मुश्किल होता है,उनपर तो छक्के लग रहे थे वह भी एक ओवर में दो-दो. अब जबकि इस चोट की बात सामने आयी है तो लग रहा है कि बुमराह छक्के क्यों खा रहे थे.
बुमराह के विश्व कप से बाहर होने के ज़िम्मेदार बुमराह खुद भी हैं क्योंकि उन्हें अपनी चोट के बारे में सबसे अच्छी तरह पता होगा। उन्हें यह भी पता है कि वो विश्व कप की योजनाओं के लिए कितना महत्वपूर्ण थे. गलती किसी की भी हो भुगतान तो भारत को ही भुगतना पड़ेगा। अचानक उनके रिप्लेसमेंट की तलाश होगी, जो आसान बात नहीं है. अभी कुछ लोग रिज़र्व में हैं, कुछ बाहर भी हैं. अगले कुछ दिनों में इस पर काफी चर्चा होगी। कौन टीम में आएगा, इस पर बहस होगी पर सवाल वही रहेगा कि टीम इंडिया इन झटकों को कितना और कैसे बर्दाश्त कर पायेगी।
