मेरठ: एक नवजात जब दुनिया में क़दम रखता है तो माँ-बाप के लिए वह पल उनके जीवन का सबसे भावुक और यादगार पल होता है| उस बच्चे को लेकर वह तरह तरह सपने बुनते हैं | उसमें कुछ के सपने पूरे होते हैं और कुछ के अधूरे| मगर कुछ माँ बाप ऐसे भी होते हैं कि अपने बच्चे को लेकर कोई भी सपना देखने से पहले ही उनपर ऐसा पहाड़ टूट पड़ता है कि वह असहाय हो जाते हैं विशेषकर जब उनका बच्चा किसी ऐसी बीमारी के शिकंजे में जकड़ जाता जिससे बाहर निकलना उनके बस के बाहर होता है| एक ऐसी दुर्लभ बीमारी कि जिसका इलाज इतना मंहगा हो कि वह अपना सबकुछ बेचकर भी असहाय होकर भगवान से सिर्फ शिकायत कर सकता है कि उसने ऐसा क्यों किया?
एसएमए टाइप टू नाम दुर्लभ बीमारी से पीड़ित
बात मेरठ की एक डेढ़ साल की मासूम की हो रही है जिसको एसएमए टाइप टू नाम ऐसी दुर्लभ बीमारी हो गई है जो पूरे देश में गिनती के लोगों को ही हुई होगी. इस बीमारी का इलाज कितना मंहगा है इसका आप अनुमान भी नहीं लगा सकते| जी हाँ इस दुर्लभ बीमारी के इलाज के लिए 22 करोड़ रूपये का टीका लगाना पड़ेगा| आखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान दिल्ली के डॉक्टरों का कहना है कि अगर इस बच्ची की जिंदगी बचानी है तो उसे यह इंजेक्शन लगाना पड़ेगा. अब इतनी बड़ी रकम का इंतज़ाम करना इस परिवार के लिए नामुमकिन सी बात है. इसलिए इस परिवार की अब साड़ी उम्मीदें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तिकी हुई हैं जिनसे यह परिवार मदद की गुहार लगा रहा है.
परिवार को मोदी से मदद की आस
मेरठ की इस डेढ़ साल की बच्ची का नाम ईशानी है. ईशानी को दुर्लभ बीमारियों में से एक स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी (SMA) टाइप-2 की बीमारी है. डॉक्टरों ने बताया है कि इस बच्ची को इस दुर्लभ बीमारी को मात देने के लिए एक खास टीका लगना है, लेकिन इस टीके की कीमत इतनी है कि ये परिवार जीवन भर भी कमाएगा तब भी इतने सारे पैसे नहीं जुटा पाएगा. इस परिवार ने अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मदद की गुहार लगाई है .
10 माह की उम्र बीमारी ने घेरा
ईशानी मेरठ में ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र स्थित मास्टर कॉलोनी की रहने वाली है. उसके पिता अभिनव वर्मा दिल्ली की लॉजिस्टिक कंपनी में मात्र 25 हजार रुपए की नौकरी करते हैं. मां नीलम गृहणी हैं. अभिनव के अनुसार, बच्ची की उम्र जब 10 माह की थी, तब उसके पैरों ने काम करना बंद कर दिया था. नजदीकी डॉक्टरों को दिखाया तो उन्होंने कैल्शियम की दवाइयां दे दीं. कुछ दिन बाद हाथों ने काम करना बंद कर दिया. इस पर दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल में दिसंबर-2020 में ईशानी को दिखाया तो उसको न्यूरो प्रॉब्लम बताई गई.
टीके की कीमत सुन परिवार के होश उड़े
26 दिसंबर को गंगाराम हॉस्पिटल में ब्लड सैंपल लिया गया. 12 जनवरी 2021 को जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि इशानी स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी (SMA) टाइप-2 की बीमारी से बच्ची ग्रसित है. डॉक्टरों ने बताया कि इसके इलाज के लिए जब इंजेक्शन की कीमत बताई तो पूरे परिवार के होश उड़ गए .
16 करोड़ का टीका, 6 करोड़ टैक्स
दिल्ली में नौकरी कर रहे अभिनव ने बताया कि टीके की कीमत 16 करोड़ रुपये है. 6 करोड़ रुपए टैक्स लगेगा. इस प्रकार टीका 22 करोड़ रुपए का है, जो दुनिया के सबसे महंगे टीकों में एक है. अभिनव ने बताया, वह मामूली जॉब करते हैं. पिता की इन्वर्टर ठीक करने की दुकान है. वह इतना पैसा नहीं जुटा सकते, जिससे बेटी का इलाज करा सकें.
सोशल मीडिया पर कैम्पेन शुरू
ईशानी के इलाज के लिए सोशल मीडिया पर कैम्पेन भी शुरू किया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लोगों से आर्थिक मदद की भावुक अपील की है. अब ये परिवार फिलहाल दुआ और सरकारी मदद के सहारे है.

