Site icon Buziness Bytes Hindi

हनी ट्रैपः फौजियों की अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल


हनी ट्रैपः फौजियों की अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

हनी ट्रैप में फंसाने वाली युवती और उसका साथी गिरफ्तार
राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के फौजी थे निशाने पर

मेरठ। अपने हुस्न के जाल में फौजियों को फंसा कर दोस्ती करने और उसके बाद अश्लील वीडियोे बनाकर उनको ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए थाना नौचंदी पुलिस ने युवती सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हनी ट्रैप में लोगों खासकर फौजियों को फंसाने वाला इस गिरोह के निशाने पर राजस्थान, हरियाणा और गुजरात के फौजी थे।

इस गिरोह ने इससे पहले एक दर्जन फौजियों को अपना शिकार बनाया है। आरोपियों के मोबाइल से कई लोगों के अश्लील वीडियो भी मिले हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर उनके साथियों और की गयी वारदातों की जानकारी हासिल कर रही है।

हरियाणा के एक फौजी ने नौचंदी थाने में खुद के हनी ट्रैप में फंस कर ठगे जाने की शिकायत दर्ज करायी थी। पीड़ित जवान ने बताया कि एक युवती ने उसे अपनी बातों के जाल में फंसा कर मेरठ बुलाया था। यहां आने पर युवती उसे एक होटल ले गयी और उसका अश्लील वीडियो बना लिया। फौजी को बेहोश करने के बाद युवती उसका सारा सामान लेकर फरार हो गयी। होश में आये फौजी को अपने ठगे जाने का अहसास हुआ तो उसने थाना नौचंदी में शिकायत दर्ज करायी।

हनी ट्रैप गैंग की सरगना आरती सोशल मीडिया के जरिये फौजियों से दोस्ती करती थी

इस शिकायत की जांच करते हुए नौचंदी पुलिस ने होटल की सीसीटीवी फुटेज देखी तो उक्त युवती और उसके साथी की पहचान हो गयी। इसके बाद पुलिस ने मुजफ्फरनगर के जानसठ निवासी आरती और मेडिकल क्षेत्र के शास्त्रीनगर में रहने वाले अंकुर को गिरफ्तार किया तो सनसनीखेज खुलासे हुए।

आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि उक्त गिरोह लगभग एक साल से लोगों को हनी ट्रैप में फंसा कर ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपियों ने एक दर्जन से ज्यादा वारदात करना कबूल किया है। साइबर सेल और नौचंदी पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह ने मुजफ्फरनगर में सेना के एक जवान के परिवार से सोने के जेवरात ठग लिए थे। दोनों आरोपियों के मोबाइल में कई फौजियों समेत अन्य लोगों की अश्लील वीडियो भी मिली हैं जिनको दिखा कर वह ब्लैकमेल कर रहे थे।

ऐसे फंसाती थी हनी ट्रैप में

इस हनी ट्रैप गैंग की सरगना आरती सोशल मीडिया के जरिये फौजियों से दोस्ती करती थी। वहीं भीड़ वाले इलाके में अपना मोबाइल नंबर और काॅल मी लिखी पर्ची लोगों के हाथ में थमाने वाली आरती अपने शिकार का फोन आने पर उसे मीठी बातों में फंसा कर दोस्ती गांठ लेती थी। एक बार हुस्न का जादू असर दिखाना शुरू करता तो सामने वाला खुद मिलने की गुहार लगाने लगता। इसके बाद आरती किसी होटल में शिकार से हसीं मुलाकात करती और उसका वीडियो बना लेती थी। इसके बाद उसके साथी उस वीडियो को वाॅयरल करने की धमकी देते थे। बदनामी के डर से पीड़ित व्यक्ति चुपचाप पैसे देता रहता था। पुलिस को आरती के पास से 12 फर्जी आईडी मिली हैं। आरती अपने हर शिकार से अलग पहचान के साथ मिलती थी। इस गिरोह की प्राथमिकता फौजी थे जो आसानी से जाल में फंस जाते थे और अपनी नौकरी जाने के डर से ब्लैकमेल होते रहते थे।

Exit mobile version