ज्ञानव्यापी मस्जिद परिसर में सर्वे के अंतिम दिन आज हिन्दू पक्ष की ओर से दावा किया गया कि मस्जिद परिसर में वुजूख़ाने के तालाब में एक शिवलिंग बरामद हुआ है, हिन्दू पक्ष के इस दावे पर वाराणसी की एक अदालत ने एक अधिवक्ता की याचिका पर यह कहते हुए आदेश दिया कि अधिवक्ता द्वारा कुछ ठोस सबूत पेश किये हैं इसलिए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उस स्थान की सुरक्षा बहुत ज़रूरी है इसलिए प्रशासन को शिवलिंग मिलने वाले स्थान की सुरक्षा का आदेश दिया जाता है.
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वहीँ अदालत के इस आदेश पर मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा कि याचिकाकर्ताओं का ‘शिवलिंग’ बरामद होने का दावा भ्रामक है। मुस्लिम पक्ष के वकील रईस अंसारी ने कहा कि दरअसल हिन्दू पक्ष वुजूख़ाने के तालाब में बने फव्वारे को शिवलिंग बता रहा है. रईस अंसारी ने कहा कि अदालत के इस आदेश को वह चुनौती देंगे क्योंकि यह एकपक्षीय और जल्दबाज़ी में दिया गया आदेश है.
वहीँ ज्ञानव्यापी मस्जिद परिसर सर्वे विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में अंजुमन इंतेज़ामिया मसाजिद की दायर याचिका पर कल सुनवाई कर रहा है. कल की सुनवाई पर भी सबकी नज़रे रहेंगी। गौरतलब है कि ज्ञानव्यापी मस्जिद परिसर सर्वे और वीडियोग्राफी का काम आज पूरा हो चूका है. अब 17 मई को वाराणसी की सिविल कोर्ट में यह रिपोर्ट पेश की जाएगी।
शिवलिंग मिलने के दावे के बाद अब राजनीतिक दल भी आमने सामने आ गए हैं और बयानबाज़ी का दौर शुरू हो चूका है. सच्चाई क्या है और कब सामने आएगी अभी कहना मुश्किल है क्योंकि मामला अब सिविल कोर्ट से लेकर सुप्रीम तक में चल रहा है. अभी दोनों पक्षों की ओर से इस मामले में और भी याचिकाएं दर्ज होनी हैं.

