खूबसूरत वादियों का मज़ा लेना है तो हिमाचल प्रदेश से अच्छी जगह कोई नहीं हो सकती. यहां भारत-चीन बॉर्डर पर एक छोटा सा गांव है छितकुल (chitkul). ये इतनी खूबसूरत जगह है जहां से आने का मन ही नहीं करेगा. ये गांव उस बॉर्डर पर भारत का आखिरी गांव है. आपको बता दें, यहां भारतीय रोड खत्म हो जाती है. इसकी खासियत ये है कि ये जगह हिमालय की गोद में बसी हुई है. ये उस इलाके का सबसे ऊंचा गांव है. पिछले कुछ समय से छितकुल टूरिस्ट के बीच काफी प्रसिद्ध हो गया है. अगर आप भी यहाँ जाना चाहते हैं तो जान लें इसके बारे में कुछ बातें.
ये गांव शहर की भीड़-भाड़ से दूर हिमालय की गोद में बसा हुआ है और बिलकुल भारत के स्विट्जरलैंड की तरह है. यहां जाने पर ऐसा लगता है जैसे आप किसी पेंटिंग का हिस्सा बन गए हों. यहां आलू की खेती होती है और यहां के आलू काफी महंगे भी होते हैं.
अगर आपको ट्रेकिंग का शौख है और सबसे खूबसूरत वादियों में ट्रेकिंग करना चाहती हैं तो ये गांव बिलकुल सही है. Lamkhaga pass trek और Borasu pass trek आपको पहाड़ों की गोद में ले जाएगा और यहां से ये ट्रेक सिर्फ कुछ घंटों के ही है. यहां से अगर आप एक दिन से ज्यादा की ट्रेकिंग करना चाहें तो लामखागा पास आगे बढ़कर गंगोत्री तक भी पहुंचा सकता है. रास्ता इतना खूबसूरत होगा कि वहां से वापस जाने का मन ही नहीं करेगा.
छितकुल कैसे पहुंचे-
सबसे पास खूबसूरत रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट शिमला ही है. शिमला से होते हुए जाना ज्यादा आसान है और मनाली वाला रास्ता थोड़ा कठिन साबित हो सकता है. मनाली वाले रास्ते में रोहतांग पास से भी आगे जाना होगा.
अगर शिमला के रास्ते जा रहे हैं तो या तो प्राइवेट कैब कर सकते हैं जो थोड़ा खर्चीला तरीका होगा या फिर बस के जरिए जा सकते हैं. ये तरीका आसान होगा. सांग्ला तक आपको बस का सफर करना होगा. शिमला से सांग्ला तक हर दिन बस जाती है.
यहां जाने से पहले ध्यान रखें-
भले ही आप भरी गर्मी में जा रहे हों लेकिन फिर भी छितकुल जाने से पहले ध्यान रखें कि कम से कम एक मोटा जैकेट लेकर ही जाएं. और अगर सर्दी की शुरुआत में जा रही हैं तो अपने साथ बहुत सारे मोटे कपड़े लेकर जाएं. ये इलाका पूरी तरह से बर्फ से ढंक जाता है.

