हिमाचल प्रदेश में भाजपा को सत्ता से हटाने के बाद कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए फंसा पेंच सुलझा लिया है. पार्टी आला कमान ने नादौन से चौथी बार चुने गए विधायक सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश का 14 वां मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है वहीँ इस पद के लिए अपना दावा ठोंक रही सांसद रानी प्रतिभा सिंह के समर्थक मुकेश अग्निहोत्री को उप मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया गया है. बाद में तीनों नेताओं को एक साथ मीडिया में सामने लाकर हिमाचल चुनाव के इंचार्ज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने मीडिया को इस बारे में जानकारी दी.
मंझे हुए राजनीतिज्ञ हैं सिक्खु
सुखविंदर सिंह सुक्खू की बात करें तो वो एक मंझे हुए राजनीतिक खिलाड़ी हैं। वर्ष 1989 से 1995 के बीच NSUI के अध्यक्ष रहे वहीँ 1999 से 2008 में यूथ कांग्रेस प्रमुख रहे। दो बार शिमला नगर निगम पार्षद चुने गए। 2013 में हिमाचल कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रहे जबकि 2019 तक राज्य इकाई के प्रमुख रहे। सुखविंदर सिंह सुक्खू 2003, 2007, 2017 में भी नादौन विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जा चुके हैं। सुखविंदर सिंह सुक्खू कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
कल होगा शपथ ग्रहण
मुख्यमंत्री पद के एलान के बाद कांग्रेस नेता अब सीधे राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। शपथ ग्रहण कल 11 बजे होगा. इस फैसले के बाद रानी प्रतिभा सिंह ने कहा कि आलाकमान ने जो फैसला किया है वो उन्हें मंजूर है. वहीं सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि आगे चुनौतियां बहुत हैं, वो और मुकेश अग्निहोत्री राज्य के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे. सुक्खू ने कहा कि जनता ने हिमाचल में परिवर्तन के लिए वोट दिया है, हम पूरा प्रयास करेंगे कि जनता की उम्मीदों पर करे उतरें और प्रदेश को एक साफ़ और स्वच्छ सरकार दें.
प्रतिभा सिंह आला कमान का फैसला माना
इससे पहले रानी प्रतिभा सिंह की तरफ से उनके समर्थक कल से शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन पार्टी आला कमान पर इसका कोई असर नहीं पड़ा. पहले कहा जा रहा था कि प्रतिभा सिंह को नाराज़ करना कांग्रेस को भारी पड़ सकता है लेकिन लगता है कि सारे मामलात को सुलझा लिया गया है. प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें कोई नाराज़गी नहीं है, उन्होंने अपने समर्थकों की बात को दिल्ली से आये नेताओं तक पहुँचाया था, अब पार्टी आला कमान ने जो फैसला किया है वो एक कर्मठ कार्यकर्ता की तरह उन्हें मंज़ूर है.

