हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी और शिमला क्षेत्रों में 1 अगस्त को बादल फटने के बाद आई बाढ़ के बाद अबतक कुल 53 लोग लापता बताये जा रहे हैं वहीँ छह शव बरामद किए गए हैं। डीडीएमए के विशेष सचिव डीसी राणा ने कहा कि बाढ़ से साठ से अधिक घर बह गए और कई गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। डीसी राणा ने कहा, “शिमला जिले के समज क्षेत्र, रामपुर क्षेत्र, कुल्लू के बाघीपुल क्षेत्र और मंडी के पद्दार क्षेत्र में बादल फटने से व्यापक तबाही हुई है।
बादल फटने की घटना 31 जुलाई और 1 अगस्त की मध्यरात्रि को हुई थी। उन्होंने आगे कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए समन्वय कर रही हैं। रामपुर में मरम्मत कार्य चल रहा है, जहां बादल फटने और उसके बाद आई बाढ़ ने रामपुर और समज क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया था। मंडी में पांच जबकि कुल्लू में एक व्यक्ति की मौत हुई है। शिमला में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
शिमला में अब तक सबसे अधिक 33 लोग लापता हैं, जबकि कुल्लू में नौ और मंडी में छह लोग लापता हैं। कुल 55 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है और 25 लोग फंसे हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 61 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि 42 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक नुकसान कुल्लू में हुआ है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने आज बागी पुल पर कुर्पन खड्ड जलापूर्ति योजना को अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का मौके पर जाकर आकलन किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में निर्माणाधीन 315 करोड़ रुपये की कुर्पन खड्ड परियोजना को अचानक आई बाढ़ के कारण भारी नुकसान पहुंचा है और विभाग को परियोजना को बहाल करने के लिए तत्काल और आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए हैं।
