आगरा। वेस्ट यूपी के कई क्षेत्रों में इन दिनों वायरल का साया है। तेज फीवर से लोगों की जान जा रही है। हेल्थ डिपार्टमेंट के आंकड़े देखें तो बीते सात दिनों में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, एटा और कासगंज जनपदों में पचास लोगों की जान हाई फीवर, पानी की कमी और प्लेटलेट गिर जाने के कारण हो गई। चौंकाने वाली बात है कि जान गंवाने वालों में 25 मासूम थे। लोगों को इस वायरल से ठीक होने में दो सप्ताह तक का वक्त लग रहा है। ऐसे में अब सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों का टोटा हो चला है।
हेल्थ ऑफिसर्स ने के मुताबिक, कि पूर्वी यूपी से भी वायरल फीवर के केस सामने आए हैं। इस क्रम में गोंडा, बस्ती, देवरिया, बलिया, आजमगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर और गाजीपुर में तमाम लोग वायरल फीवर से ग्रसित हो आ रहे हैं। वैसे वेस्ट यूपी के जनपद ज्यादा ग्रसित हैं। आगरा में तो राजस्थान और एमपी के यानि पड़ोसी जनपदों से भी इन्हीं लक्षणों वाले वायरल फीवर के पेशेंट देखे रहे हैं।
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एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ एके सिंह बताते हैं कि, बीते साल साल वायरल फीवर के काफी कम केस आये थे क्योंकि लॉकडाऊन था और लोग घर से ही नहीं निकले। स्वच्छता के साथ पॉल्यूशन व संक्रमण से दूर रहे।
इस बीच खबर है कि वेस्ट यूपी की इस स्थिति को संभालने के लिए फिरोजाबाद से डॉक्टरों की एक टीम जुट गई है। अकेले फिरोजाबाद में सबसे अधिक 25 जानें गईं हैं। फिरोजाबाद सीएमओ डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ का दावा है कि जिन लोगों की वायरल से मृत्यु हुई उनमें से कोई भी कोरोना संक्रमण का शिकार नहीं था। बहरहाल, मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच हो रही है।
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वेस्ट यूपी के मरीजों की संख्या को देेखते हुए हालात यह है कि, अकेले फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज में हर अस्पताल के बिस्तर पर दो से तीन मरीजों को रखना मजबूरी हो गई है।

