महाराष्ट्र में चल रहे राजनीतिक संग्राम के बीच मुंबई के सभी पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश जारी कर दिए हैं। खबर है कि सड़कों पर शिव सैनिक उतर सकते हैं जो कानून व्यवस्था के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर सकते हैं. राज्य में जिस तरह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना के विधायकों ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बग़ावत का झंडा बुलंद किया है उससे शिव सैनिकों में बहुत रोष है जो कभी भी फूट सकता है.
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महाराष्ट्र पुलिस को ऐसे ख़ुफ़िया जानकारी मिली है कि शिवसैनिक अपनी नाराज़गी का इज़हार महाराष्ट्र विशेषकर मुंबई में कर सकते हैं, इसलिए पुलिस ने विशेष अलर्ट जारी किया गया है ताकि हालात बिगड़ने न पाएं। महाराष्ट्र में अब लड़ाई सरकार गिराने और बचाने से ज़्यादा असली शिव सेना किसकी इसपर हो रही है. एकनाथ शिंदे पिछले कई दिनों से जिस तरह व्यवहार कर रहे हैं उससे यह लग रहा है उनकी दिलचस्पी सरकार से ज़्यादा शिव सेना पर कब्ज़ा करने की है.
शिंदे की इस कोशिश में परदे के पीछे रहते हुए भाजपा उनकी मदद कर रही है. कल वायरल हुए एक वीडियो में वह बागी विधायकों को सम्बोधित करते हुए साफ़ तौर पर नज़र आ रहे हैं कि एक राष्ट्रीय पार्टी का उनको साथ मिला हुआ है जो ज़रुरत पड़ने उनके लिए कभी भी उपलब्ध हो जाएगी, हालाँकि आज शिंदे ने अपने उस बयान पर यू टर्न मार लिया है. वहीँ उद्धव और शिंदे के बीच यह लड़ाई अब प्रेस्टीज इशू बनती जा रही है. पिछले दो दिनों से बागियों के लिए नरम रुख अपनाने वाले उद्धव ने अब सख्त तेवर दिखाना शुरू कर दिए हैं, उन्होने बागी विधायकों को अंतिम चेतावनी देते हुए 24 घंटे के अंदर मुंबई आकर उनसे बात करने को कहा है, उसके बाद बातचीत के दरवाज़े पूरी तरह से बंद हो जायेंगे।
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उधर चार और बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की शिवसेना की ओर से याचिका दाखिल की गयी है, इस तरह से अब कुल 16 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की जा चुकी है, वहीँ बागी गुट इसे उद्धव ठाकरे की गीदड़ भभकी और डराने की कोशिश बता रहा है. बागी गुट का कहना है कि शिवसेना के 38 विधायक उनके साथ हैं इसलिए उनको सदस्यता रद्द करने की मांग करने का कोई अधिकार ही नहीं है.
