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दुर्गम क्षेत्र में रहने वाले हेलीकाप्टर से पहुंच सकेंगे अपने घर,देना होगा इतना किराया

पिथौरागढ़ के दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी ग्रामीण अब हेलीकॉप्टर सेवा का भी लाभ ले सकेंगे। ये लोग अब हेलीकॉप्टर से अपने गांव जा सकेंगे। इसके लिए इन प्रवासी ग्रामीणों को किराया देना होगा। प्रशासन ने आम लोगों को हेलीकाप्टर से आवाजाही करने की अनुमति दी है। आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील जिला पिथौरागढ़ में कई ऐसे दुर्गम क्षेत्र हैं। जहां तक सड़क नहीं पहुंच पाई है। यहां स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान और वहां के लोगों की किस्मत के भरोसे चल रही है। ऐसे में यहां के लोगों को इमरजेंसी सेवाएं देने को हेलीकॉप्टर की तैनाती सरकार की ओर से की गई है। जिससे समय पर दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को मदद मिल सके। हेलीकाप्टर की ये सेवा यहां के रहने वाले लोगों के लिए राहत प्रदान करने वाली है। 

बरसात के दिनों यहां पर मिलम,व्यास,चौदास और जौहार घाटी की अधिकांश सड़कें बंद होने से लोग अपने गांव तक भी नहीं पहुंच पाते हैंं। ऐसे में अब ये लोग हेलीकॉप्टर के माध्यम से अपने गांव पहुंच सकेंगे। इसके लिए इनको 3100 रुपये किराया देना होगा। जिले के अपर जिलाधिकारी फिंचाराम चौहान ने बताया कि स्थानीय लोगों को विशेष परिस्थितियों में हेलीकाप्टर सेवा का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए हेलीकॉप्टर के उस स्थान के लिए उड़ान भरने समय उस इलाके में जाने वाले ग्रामीणों को सूचित किया जाएगा। हेलीकॉप्टर का बेस धारचूला बनाया है। जहां से मुनस्यारी के लिए उड़ान जारी है। अपने गांव जाने या वहां से आने के लिए एसडीएम कार्यालय धारचूला में संपर्क कर सूचना दे सकते हैं।

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हेलीकॉप्टर जब किसी गांव में रेस्क्यू के लिए जाएगा, तो वहां से वो अन्य लोगों को धारचूला लाएगा या ले जाएगा। जिसके लिए 3100 रुपये किराया तय किया है। ये सेवा सिर्फ दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए ही संचालित है। दारमा वैली के बोन गांव निवासी पूर्व सरपंच किशन कुमार ने सरकार का इस सुविधा के लिए आभार जताया है। इसी के साथ किराए में कुछ कमी करने की मांग की है। जिससे कि सभी लोग सेवा का लाभ उठा सकें।

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