मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की अवैध कब्जा की गई भूमि को लेकर आज अदालत में सुनवाई होनी थी। कचहरी में एक अधिवक्ता का निधन होने के चलते आज कचहरी में शोक घोषित कर दिया गया। जिसके बाद किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो सकी। अब श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के फैसले को लेकर अब कोर्ट पांच अगस्त और 16 अगस्त को सुनवाई करेगा। आज शुक्रवार को जिला न्यायालय में श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मस्जिद मसले को लेकर सुनवाई होनी थी। जिला कोर्ट अधिवक्ता कृष्णकांत का आकस्मिक निधन होने से कचहरी में शोक की लहर दौड़ गई। अधिवक्ता के निधन के चलते जिला जज सीनियर डिवीजन ने शोक अवकाश घोषित कर दिया। अब अदालत अगली तारीखों में श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ भूमि मामले को लेकर दायर की गईं याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने अदालत द्वारा दी गई अग्रिम तारीख के बारे में बताया कि अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री, हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन का दावा किया था। उसमें पांच अगस्त की तारीख दी है। आज एक अधिवक्ता का निधन हो गया। जिसके बाद जज साहब द्वारा कंडोलेंस घोषित करने के चलते कोई सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत से अगली तारीख अलग-अलग मिली हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मामले में विभिन्न पक्षकारों ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान की 13.37 एकड़ जमीन को लेकर दावा किया। अदालत में सभी मामलों की सुनवाई हो रही है। शुक्रवार को प्रमुख रूप से सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री, नारायणी सेना के अध्यक्ष मनीष यादव, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह व अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी आदि के मामलों पर सुनवाई होनी थी।

