लखनऊ। ज्ञानवापी मामले में श्रृंगार गौरी प्रकरण की मेरिट पर दोपहर दो बजे आज जिला जज डॉ0 अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में सुनवाई होगी। आज अदालत में हिंदू पक्ष की दलीलों पर मुस्लिम पक्ष यानी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी जवाबी बहस करेगा। बता दें कि गत 18 अगस्त को पिछली सुनवाई में लगातार तारीख बढ़ाने की मांग को देखते हुए अदालत ने नाराजगी जाहिर की थी और मसाजिद कमेटी पर 500 रुपये का हर्जाना लगाया था। अधिवक्ता अभय यादव के निधन का हवाला देकर अंजुमन इंतेजामिया ने योगेंद्र सिंह मधु बाबू के अलावा शमीम अहमद का वकालत नामा अदालत में दाखिल किया था और बहस की तैयारी के लिए दस दिन का समय मागते हुए स्थगन प्रार्थना पत्र दिया था।
डीजीसी सिविल महेंद्र पांडेय के अनुसार इस पर जिला जज ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सुनवाई हो रही है। जिसे जानबूझकर विलंबित किया जा रहा है। कोर्ट ने सिर्फ दो दिन का मौका अंजुमन को देते हुए 500 रुपये का हर्जाना लगाया था। इसके बाद सुनवाई की तिथि आज सोमवार 22 अगस्त नियत की थी। बता दें कि राखी सिंह सहित पांच महिलाओं ने ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों के दर्शन की अनुमति अदालत से मांगी है। जिस पर अंजुमन की आपत्ति पर वाद सुनवाई योग्य है या नहीं। इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीपीसी ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत जिला जज की कोर्ट में सुनवाई चल रही है। आज अंजुमन कमेटी को अपना पक्ष रखना है।
