Dengue Fever Alert: बढ़ने लगा डेंगू का खतरा, घटने लगी मरीजों की प्लेटलेटस

 
Dengue Fever Alert

देहरादूनउत्तराखंड में अब डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पांच और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। ऋषिकेश का चंद्रेेश्वरनगर डेंगू का हॉट स्पॉट बना हुआ है। यहां अब तक डेंगू के 16 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सभी अस्पताल में भर्ती हैं। 
जिला वेक्टर जनित रोग अधिकारी सुभाष जोशी ने जानकारी दी है कि सभी रोगियों की स्थिति सामान्य है।  क्षेत्रों में फॉगिंग और अन्य निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। अभी तक देहरादून में ही 43 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में डेंगू की एलाइजा जांच निशुल्क हो रही है। डेंगू के कुछ मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ने लगी है। शहर के विभिन्न ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ0 शशि उप्रेती ने बताया कि प्लेटलेट्स की मांग लगातार आ रही है। फिलहाल ब्लड बैंक में मांग के अनुरूप प्लेटलेट्स का स्टॉक उपलब्ध है।

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डॉक्टरों के अनुसार, डेंगू बुखार एडीज इजिप्टाई और एडीज एल्बोपिक्टस मादा मच्छर टाइगर के काटने से फैलने वाला बुखार है। डेंगू मच्छर के शरीर पर काले व सफेद रंग की पट्टियां होती हैं। यह अधिकतर दिन में काटते हैं। एडीज मच्छर साफ व जमा पानी में पनपते हैं। ऐसे में अधिक दिनों तक पानी एकत्र न होने दें। एडीज मच्छर बर्तन, पानी टंकी,फूलदान, कूलर, टूटी-फूटी बोतलों, गमले और टंकी के ढक्कन के किनारे पैदा हो जाता है। डॉ0 खन्ना के मुताबिक ठंड लगने के साथ अचानक तेज बुखार,शरीर पर लाल चकत्ते आंखों के पिछलेे भाग में दर्द होना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, भूख न लगना,  अत्यधिक कमजोरी, गले में दर्द, साधारण डेंगू बुखार के लक्षण हैं। इसका असर 5-7 दिन तक रहता है। बीमार व्यक्ति अगर परहेज करे तो वो स्वयं ठीक हो जाता है। हैमरेजिक डेंगू बुखार में साधारण डेंगू बुखार के लक्षणों के साथ त्वचा पर गहरे नीले, काले रंग के छोटे या बड़े चकत्ते पड़ना, नाक और मसूड़ों से खून आना आदि लक्षण हैं। डेंगू शॉक सिंड्रोम में हैमरेजिक बुखार लक्षणों के साथ रोगी अत्यधिक बेचैन होता है। तेज बुखार के बाद भी त्वचा ठंडी महसूस होती है। रोगी धीरे होश खोने लगता है। नाड़ी तेज और कमजोर महसूस होती है। रक्तचाप भी कम होने लगता है।