नई दिल्ली। चीन में कोरोना का बढ़ता संक्रमण वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बना है। शंघाई में पिछले 15 दिनों में हालात इस कदर बिगड़ गए कि वहां लॉकडाउन तक लगाने की नौबत आई है। चीन के साथ यूरोपीय देशों में कोरोना से एक बार फिर से हालात बिगड़ गए हैं। भारत में भी ठंड के महीने में एक और लहर का अंदेशा जताया गया है। चीनी रिपोर्ट्स के अनुसार यहां दो प्रमुख कोविड वैरिएंट्स बीए.5.1.7 और बीएफ.7 के संक्रमण मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। प्रारंभिक अध्ययनों में ये दोनों वैरिएंट्स अत्यधिक संक्रामक बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की माने तो यह वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को चकमा देकर लोगों को संक्रमित कर रहे हैं। जिस कारण आने वाले दिनों में एक और संक्रमण लहर को लेकर चिंता बढ़ रही है।
भारत में BF.7 का मामला पाया गया है। गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर की रिपोर्ट के अनुसार नए वैरिएंट के कारण तेजी से संक्रमण बढ़ने की आशंका है। देश में अगले हफ्ते त्योहार हैं ऐसे में इस दौरान बाजारों में होने वाली भीड़ को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि किसी को मास्क लगाना नहीं छोड़ना चाहिए। लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। प्रारंभिक शोध में BA.5.1.7 और BF.7 जैसे वैरिएंट्स की संक्रामता दर अधिक देखी है। इसके अलावा कोरोना के एक और नए वैरिएंट XBB के कारण संक्रमण के मामलों में उछाल देखा गया है। XBB वैरिएंट, ओमिक्रॉन के दो वैरिएंट्स BA.2.75 और BA.2.10 के पुनः संयोजन से बना है। फिलहाल इसे अब तक सभी कोरोना वैरिएंट्स की तुलना में अधिक घातक और संक्रामक बताया जा रहा है।

