सावधान! इस सर्दी आ सकता है कोरोना का नया वैरिएंट, लापरवाही पडे़गी जान पर भारी

 
COVID-19

नई दिल्ली। इस सर्दी कोरोना का नया वैरिएंट आ सकता है। ईएमए ने टीकाकरण अभियान तेज करने की सलाह दी है। इस साल के अंत में नए कोरोनो वायरस मामलों में तेजी आ सकती है। इसलिए बूस्टर अभियान को तेजी से शुरू करने की सलाह दी जा रही है। 
दुनियाभर में कोहराम मचा चुका कोरोना संक्रमण अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने कहा कि सर्दी में कोरोनो वायरस का नया वैरिएंट बनने की सबसे अधिक संभावना है। इसी के साथ कहा कि वायरस से बचने के लिए टीकाकरण अभियान तेज करने चाहिए। इससे इस गंभीर बीमारी से बचाव होगा।

भारत सहित दुनियाभर के कई देशों में बूस्टर डोज अभियान तेजी पर है।  ईएमए टीके के प्रमुख मार्को कैवेलरी ने जानकारी दी कि नए वैरिएंट को रोकने के लिए नव-अनुमोदित जैब्स का मिश्रण और संक्रमण से लड़ने के लिए विकसित मूल वैक्सीन शामिल होंगे। हालांकि इसमें कहा है कि लोगों को किसी स्पेशल वैक्सीन का इंतजार नहीं करना चाहिए। मार्को कैवेलरी ने बताया कि पूरी तरह से नया वैरिएंट उभरने के संकेत मिल रहे हैं। जिसके संभावित खतरे की हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते हैं। इससे पहले एक सितंबर को ईएमए ने फाइजर बायोएनटेक और मॉडर्ना के टीकों को मंजूरी दी थी। जिन्हें ऑमिक्रॉन के पुराने बीए-1 सबवेरिएंट से निपटने के लिए अनुकूल पाया है।

Read also: Covid Booster Dose: संक्रमण की स्थिति हुई समान्य तो घटने लगी बूस्टर डोज लगवाने वालों की दर

ब्रिटेन के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 के मूल वायरस और इसके खतरनाक स्वरूप ओमिक्रॉन के खिलाफ दूसरे  बूस्टर टीके को मंजूरी दी है। विसंयोजी टीका उस टीके को कहते हैं जो वायरस के दो प्रकार या दो अलग एंटीजन के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। भारत में भी कोरोना के नए संभावित वैरिएंट से निपटने की तैयारी शुरू हो गई है। लोगों को कोरोना के प्रति सावधान रहने को कहा गया है। वहीं यह भी कहा गया है कि इसके प्रति लापरवाही घातक होगी।