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Hazrat Imam Hussain Alaihissalam का नाम Syllabus (पाठ्यक्रम) में शामिल किया जाए शिया पर्सनल लॉ बोर्ड।

Hazrat Imam Hussain Alaihissalam

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड का इजलासे आम (वार्षिक अधिवेशन) 04 दिसम्बर 2022 को बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना साएम मेहंदी नकवी की अध्यक्षता में मुंबई में आयोजित हुआ था जिसमें पूरे देश से धर्मगुरु बुद्धिजीवी व शिया समाज की संस्थाओं से जुड़े लोग शामिल हुए थे बोर्ड के इस अधिवेशन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि विश्व में इंसानियत के देवता हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व उनके जीवन को भारत के Syllabus (पाठ्यक्रम) में शामिल किया जाए बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी मौलाना यासूब अब्बास ने कहां की आज से 1400 सौ साल पहले हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम जो के हज़रत मोहम्मद साहब के नवासे हैं।

उन्होंने इंसानियत को बचाने के लिए दुनिया के सबसे बड़े आतंकवादी यज़ीद से कर्बला के मैदान में मुक़ाबला किया और मानवता की रक्षा करते हुए अपने साथ-साथ पूरे परिवार समेत 72 लोगों की शहादत पेश की जिसमें एक 6 माह का बच्चा भी शामिल था हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में ना केवल हिंदुस्तान बल्कि दुनिया के दूसरे देशों में भी उनकी याद में मोहर्रम मनाया जाता है कर्बला में यज़ीदी फ़ौज द्वारा हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का रास्ता रोके जाने पर इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने हिंदुस्तान आने की ख़्वाहिश भी ज़ाहिर की थी और उन ज़ालिमों से कहा था कि तुम मेरा रास्ता छोड़ दो मैं तुम्हारी सरहदों से दूर हिंदुस्तान जाना चाहता हूं जहां मुसलमान तो नहीं मगर इंसान ज़रूर रहते हैं हिंदुस्तान में बसने वाले दूसरे धर्म अथवा बड़ी संख्या में हिंदू धर्म के मानने वाले भी मोहर्रम में हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद बनाते हैं।

मौलाना यासूब अब्बास ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शिक्षा मंत्री भारत सरकार से हिंदुस्तान में पढ़ाए जाने वाले Syllabus (पाठ्यक्रम) जहां पूरी दुनिया भर की महान हस्तियों वह भारत को आज़ाद कराने वाले महापुरुषों का वर्णन है उसमें हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का नाम भी शामिल करने की मांग की है।

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