- मंगलवार शाम तक मेरठ के सिसौली गांव पहुंचेगा पार्थिव शरीर
- राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा अंतिम संस्कार
मेरठ। आतंकियों की दहशतगर्दी का डटकर सामना करते हुए मेरठ के लाल हवलदार अनिल कुमार शहीद हो गये। शनिवार को शोपियां में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ मेें हवलदार अनिल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये थे। सोमवार को उन्होंने उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।
उनकी शहादत की सूचना मिलते ही मेरठ की गढ़ रोड स्थित गांव सिसौली में शोक की लहर दौड़ गयी। बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर मंगलवार शाम तक गांव सिसौली पहुंचेगा जहां पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनको अंतिम विदाई दी जायेगी।
मेरठ की गढ़ रोड स्थित गांव सिसौली निवासी अनिल कुमार तोमर 40 पुत्र भोपाल भारतीय थलसेना की 44 वीं राष्ट्रीय राइफल्स में प्लाटून घातक हवलदार थे। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के कनीगाम गांव में शनिवार को आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर भारतीय सेना ने एक कार्डन ऐण्ड सर्च आपरेशन शुरू किया गया था।
सेना ने आतंकियों को चारों ओर से घेर कर सरेंडर करने को कहा। आतंकियों के फायर किये जाने के बाद भारतीय सैनिकों ने भी मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों को निशाना बनाते हुए फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान हवलदार अनिल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये और उन्हें उपचार के लिये हेलीकाप्टर द्वारा श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल भेजा गया। दो दिन तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते हवलदार अनिल कुमार ने सोमवार सुबह आखिरी सांस ली। बताया गया की शहीद हवलदार अनिल तोमर का पार्थिव शरीर कल शाम तक मेरठ पहुंच जायेगा। उनके गांव सिसौली में पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जायेगा।
शहीद हवलदार अनिल कुमार की मूल यूनिट 23 राजपूत थी और अभी 44 वीं राष्ट्रीय राइफल्स (राजपूत) में तैनात थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव में शोक छा गया। उनके घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। वहां पहुंचे लोगों ने शहीद अनिल कुमार की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए उनकी शहादत को नमन किया।