- बूलगढ़ी गांव के लोगों में भी त्योहार का खास उत्साह नहीं
लखनऊ। आज दिवाली का पर्व पूरा देश मना रहा है। लेकिन यूपी के हाथरस में बूलगढ़ी गांव में मातम सा लग रहा है। बिटिया के साथ 14 सितंबर को घटी घटना को कोई भूल नहीं पा रहा है। बूलगढ़ी प्रकरण में राजनीतिक पार्टियों ने खूब वोट-बैंक की रोटियां सेंकी, लेकिन त्योहार के इस पल सभी बिटिया के मां-पिता से दूर हैं।
बिटिया की मां का कहना है कि हमारी बेटी हमसे बहुत दूर हो चली गयी है, क्या त्योहार मनाने से क्या फायदा। मेरे लिए तो सारे त्योहार बेकार है। लाडली की याद आते ही मां की आंखें नम हो गयी।
बिटिया की मां ने बताया इस बार तो त्योहार ही खोटा हो गया। हमारे लिए क्या दिवाली क्या होली। गांव के अन्य लोगों में भी त्योहार को लेकर खास उत्साह नहीं है। मां के साथ पिता का बुरा हाल है। पिता ने बताया कोई आमदनी नहीं है,बिजली विभाग का करीब चालीस हजार रुपये का बकाया है। इस महीने का बिजली का बिल 44 सौ रुपये का आया है। कहा से बकाया पैसा जमा करें।
बिटिया के बहुचर्चित प्रकरण के बाद खुफिया तंत्र बेहद सतर्क है। दिवाली जैसे बड़े त्योहार के मद्देनजर उसकी सतर्कता और ज्यादा बढ़ गयी है।

